Chachi ko chhat par choda चाची को छत पे चोदा अकेले में

Chachi ko chhat par choda चाची को छत पे चोदा अकेले में

Chachi ko chhat par choda चाची को छत पे चोदा अकेले में

देसी चाची न्यूड स्टोरी में मेरी चाची का बदन बहुत गोरा और मस्त है. उनकी गांड और चूची देख मैं पागल हो जाता हूँ. मैंने उनको कैसे पेला ये आप कहानी में पढ़ें. यह स्टोरी आप पढ़ रहे हैं sexstoryqueen.com पर | Chachi ko chhat par choda

यह कहानी उस वक्त की है, जब मैं गांव में रहता था और उधर रह कर ही मैंने अपनी चाची के साथ सेक्स किया था.

देसी चाची न्यूड स्टोरी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपनी चाची के बारे में कुछ बता देता हूँ.

चाची का शरीर बहुत ही गोरा है. उनकी चूचियां काफी बड़ी-बड़ी हैं.
जब वे अपनी साड़ी का पल्लू सही करती हैं तो उनके गहरे गले वाले ब्लाउज से उनकी दूधिया चूचियों की दरार और उनका मस्त उभार दिखने लगता है. Chachi ko chhat par choda

उस वक्त कोई भी उनकी चूचियों को देखकर एकदम से गर्म हो जाएगा.
चाची की गांड की तो बात ही मत करो, ऐसी गदरायी गांड को देखते ही किसी का भी लंड हिल जाए.

ये तो हो गई उनकी बात, अब शुरू करते हैं कि कैसे मैंने उनको पेला.
वैसे तो मैं अपनी चाची को बहुत दिनों से चोदना चाहता था.
मैंने उनको याद करके कई बार मुठ मारी है.
उनको नहाते वक्त, साड़ी बदलते वक्त देख-देखकर मेरा लंड खड़ा ही हो जाता था. Chachi ko chhat par choda

फिर एक दिन कुछ ऐसा हुआ, जिसने बात ही बना दी.
रोज शाम को चाची छत पर चली जाती थीं. वे वहीं छत पर चटाई बिछा कर लेट जाती थीं.

मैं भी छत पर चला जाता था और अपनी चटाई बिछाकर उस पर लेट कर चाची की तरफ देखता रहता था.

एक दिन चाची चटाई पर लेटी थीं.
वे फोन पर किसी से बात कर रही थीं.

उस दिन मेरी छत पर चटाई नहीं बिछी थी. शायद मम्मी छत से चटाई ले गई थीं.
मैंने देखा कि चाची लेटी हैं और किसी से फोन पर बात कर रही हैं. Chachi ko chhat par choda

मैं उनके पास उनकी छत पर चला गया और चाची की चटाई पर उनके बाजू बैठ गया.
वे बात करने में मस्त थीं.

शाम गहरा गई थी और छत पर पूरा अंधेरा हो गया था.
हालांकि उनको अहसास हो गया था कि मैं उनके पास आकर उनकी चटाई पर ही बैठ गया हूँ.

मैं भी अपना फोन चला रहा था और वे भी अपनी बातों में मशगूल थीं.
मैं धीरे-धीरे सरकता हुआ उनके पास को होता चला गया.

अब उनका शरीर मेरे शरीर से छूने लगा था.
वे इस बात से बेखबर थीं और बस अपनी बातों में फोन पर लगी हुई थीं. Chachi ko chhat par choda

मैं धीरे-धीरे उनको छूने लगा.
अब शायद उनको पता चल गया था कि मैं उनको छू रहा हूँ लेकिन उन्होंने कुछ बोला नहीं.
वे बस फोन पर बात करती रहीं.

उनकी प्रतिक्रिया न होने के कारण मैं धीरे-धीरे उनके पैरों की तरफ आ गया और पहले मैंने उनके पैर को छुआ.
जब उन्होंने कुछ नहीं कहा तो मैं वहीं उनके पैर पर अपना हाथ रखे रहा.

कुछ देर तक मैंने देखा कि चाची की तरफ से कोई हलचल नहीं हो रही है, तो मैं और आगे बढ़ गया.
मैं धीरे-धीरे उनकी टांग को सहलाते हुए ऊपर को बढ़ने लगा. Chachi ko chhat par choda

वे यूं ही शांत पड़ी रहीं.
मैं हाथ को निरंतर ऊपर चलाता चला गया और उनकी कमर से ऊपर को बढ़ने लगा.

मैं उनकी नंगी कमर पर धीरे से हाथ को फेरा और जब देखा कि वे कुछ नहीं बोल रही हैं तो मेरा साहस बढ़ गया और मन मचलने लगा.

अब मेरा हाथ धीरे-धीरे उनकी कमर पर चलने लगा और अपने हाथ को सरका कर उनकी गांड पर रख दिया.

पहले तो मैं अपने हाथ को कुछ टाइम तक उनकी गांड पर रखे रहा.
जब वे कुछ नहीं बोलीं तो मैं बिंदास अपने हाथ को उनकी गांड पर फेरने लगा. Chachi ko chhat par choda

वे अभी भी चुपचाप लेटी हुई थीं.
मुझे लगने लगा था कि चाची सब कुछ समझ रही हैं और जानबूझ कर मुझे हाथ फेरने दे रही हैं.

वे पक्के में अब गर्म होने लगी थीं और उनकी आवाज निकलना भी बंद हो गई थी.

मतलब वे शायद अब फोन पर किसी से बात नहीं कर रही थीं, बस मुझे ऐसे ही दिखा रही थीं कि फोन पर बात कर रही हूँ.

मैंने उनके कूल्हे को मसल कर दबाया तो भी वे कुछ नहीं बोलीं.
मैं समझ गया कि झंडी हरी है बेटा और अब देर नहीं करनी चाहिए.

मैं उनकी साड़ी पैरों से ऊपर को खींचने लगा.
जल्दी ही मैंने उनकी साड़ी को खींचकर ऊपर कर दिया. Chachi ko chhat par choda

मैंने देखा कि चाची ने अन्दर पैंटी भी नहीं पहनी थी.

उनकी गांड क्या मस्त थी यार.
मेरा तो दिमाग खराब हो गया, मन कर रहा था कि अभी के अभी उनकी गांड में अपना लंड डाल दूँ.

लेकिन ऐसे तुरंत नहीं कर सकता था.

मैं चाची की नंगी गांड को सहलाता रहा.
उनकी गांड बहुत बड़ी थी … मेरा मन कर रहा था कि जीभ लगाकर चाट लूँ. Chachi ko chhat par choda

अब मैं अपने एक हाथ को उनकी गांड की दरार में डाल कर चूत की तरफ ले गया.
जैसे ही मेरा हाथ उनकी चूत पर गया, तो वे थोड़ी हिल गईं.

मैं एक पल को रुका मगर उन्होंने अपनी स्थिति में कुछ भी परिवर्तन नहीं किया.
अंततः मैंने उनकी चूत पर अपना हाथ लगा ही दिया.

मुझे पता चला कि उनकी चूत गीली हो गई है.

अब मैंने उनकी चूत में एक उंगली डाल दी.
जैसे ही मेरी उंगली अन्दर गई, वे चिहुंक उठीं और उनके मुँह से आह निकल गई. Chachi ko chhat par choda

मैं समझ गया कि चाची गर्माई हुई पड़ी हैं और आज मेरा काम बन जाएगा.

अब बस मैं चाची की चुत में अपनी उंगली के कारोबार को और बढ़ाने लगा और अपनी एक उंगली को चूत में पूरी घुसेड़ कर आगे-पीछे करने लगा.

वे ऊंह आंह कर रही थीं और उनकी कमर कुछ इस तरह से हिल रही थी जिससे मेरी उंगली को उनकी चुत में मचलने में सुगमता हो.

कुछ देर बाद मैं दो उंगलियां डालने की कोशिश करने लगा.
जैसे ही मैंने दो उंगलियां अन्दर पेलीं, वैसे ही उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और छोड़ भी दिया. Chachi ko chhat par choda

मुझे लगा दो उंगलियां डालने से उन्हें दर्द हो रहा था.
इसलिए मैं एक ही उंगली चाची की चुत में डालकर आगे-पीछे करने लगा.

वे अब धीमी आवाज में ‘आह … आह …’ कर रही थीं.

मुझसे भी अब रहा नहीं गया. मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया था.
चाची भी एकदम गर्म हो गई थीं और उनके मुँह से कामुक आवाज पहले से कुछ ज्यादा तेज स्वर में निकलने लगी थी. Chachi ko chhat par choda

‘आह … आह …’ की मधुर आवाज निकलने लगी, तो मैं भी एकदम से हॉट हो गया और बिना कुछ सोचे समझे मैं उनके ऊपर चढ़ गया.
मैंने उनके मुँह को अपनी तरफ किया और उनके होंठों पर अपने होंठ लगा दिए.

वे बिल्कुल गर्म हो गई थीं.

वे आंखों से इशारा करने लगीं तो मैंने उनके बदन से कपड़े उतार दिए और अब वे ऊपर ब्रा में थीं.

मैंने चाची को अपनी बांहों में भरा और अपने हाथों से उनकी ब्रा खोल दी.
उनकी बड़ी-बड़ी चूचियां खुली हवा में फुदकने लगी थीं. Chachi ko chhat par choda

काफी बड़ी बड़ी चूचियां थीं, मेरे हाथों में नहीं समा रही थीं.
मैं अपने दोनों हाथों से उनकी दोनों चूचियों को पकड़ कर दबाने लगा.

वे कुछ नहीं कह रही थीं बस उनकी आंखों में वासना की लालिमा मुझे अजीब से नशे में डुबोती जा रही थीं.
जल्दी ही मैंने चाची को पूरी नंगी कर दिया.
वे मादरजात अवस्था में बिना कपड़ों के पूरी नंगी हो गई थीं. Chachi ko chhat par choda

मैं बस एक हाफ पैंट में था, मेरा लंड कड़क हो गया था … लोहे के पाइप की तरह.

मैंने देसी चाची न्यूड का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया.
जैसे ही उनका हाथ मेरे लंड पर लगा, उन्होंने अपना हाथ हटा लिया.

फिर वे धीरे से बोलीं- बाप रे … इतना बड़ा है तुम्हारा लंड!
मैं बोला- क्या हुआ चाची?
वे बोलीं- तुम्हारा बहुत बड़ा है, मुझे नहीं करवाना!
मैं बोला- कुछ नहीं होगा चाची!

चाची को कुछ टाइम मनाने के बाद वह तैयार हो गईं.

मैंने उनको अब और गर्म करना शुरू किया.

छत पर बिल्कुल अंधेरा छा गया था और सब घर वाले नीचे घर पर टीवी पर सीरियल देखने में मस्त थे.

मैं और चाची छत पर अपना सीरियल बनाने में लगे थे.

मैंने अचानक से चाची की चूत पर अपना मुँह रख दिया.
जैसे ही मेरा मुँह उनकी चूत पर लगा, चाची चिहुंक गईं. Chachi ko chhat par choda

वे बोलीं- क्या कर रहे हो? ये मत करो!

मैं नहीं माना और चूत पर अपनी जीभ चलाने लगा.
जैसे ही मेरी जीभ उनकी चूत में गई, वैसे ही वे कसमसाती हुई ‘आह … आह …’ करने लगीं और मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगीं.

लगभग 5 मिनट के बाद चाची की चूत पानी छोड़ने लगी.
जैसे चुत पानी छोड़ने लगी, वे चिल्लाने लगीं- आह … आह … ऐसा मत करो! Chachi ko chhat par choda

मैं नहीं माना, मैंने अपना काम जारी रखा.
मैं चूत का सब पानी चाट गया.

अब मैंने चाची को बोला- मेरे लंड पर किस करो पहले!

उन्होंने तो पहले मना किया, लेकिन बार-बार बोलने पर वे लंड चूमने के लिए तैयार हो गईं.

जब वे किस कर रही थीं, तब उनका मुँह खुल गया था.
अचानक से मैंने अपना लंड उनके मुँह में डाल दिया. Chachi ko chhat par choda

चाची डर गईं कि इतना बड़ा लंड उनके गले तक चला गया!
उन्होंने मुझे धक्का देने की कोशिश की.
लेकिन मैंने उनका सिर पकड़ कर दबाए रखा.

उनकी आंखों में पानी आ गया.
वे मना करने लगीं- अब बस रहने और मत करो!

फिर मैंने सोचा कि ज्यादा हो गया, तो मेरा काम बिगड़ जाएगा.
मैंने उनकी टांगों को फैलाया और चूत पर मुँह लगा कर जल्दी-जल्दी जीभ चलाने लगा. Chachi ko chhat par choda

चाची धीरे-धीरे फिर से गर्म हो गईं.
जब वे ज्यादा गर्म हो गईं तो बोलने लगीं- आह डाल दो अपना लंड मेरी चूत में!

मैं बोला- इतना बड़ा मेरा लंड है, सह लोगी कि नहीं?
वे बोलीं- डालो! जो होगा देखा जाएगा. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है!

मैंने भी लंड को चूत पर सैट किया.
तभी वे बोलीं- धीरे से डालना!

मैं कुछ नहीं बोला. मैंने जोर से धक्का मारते हुए लंड को सीधा चुत में पेल दिया.
एकदम से शॉट लगा था तो मेरा आधा लंड घुसता चला गया. Chachi ko chhat par choda

वे जोर से चिल्लाईं- ऊई मर गई … निकालो अपना लंड … आह बहुत बड़ा लंड है तुम्हारा!
मैं बोला- अभी तो बस आधा गया है!

वे रोने लगीं और कराहती हुई बोलीं- आह मैं मर जाऊंगी … छोड़ दो … मुझे नहीं करवाना!
लेकिन मैं अब नहीं मानने वाला था.

मैं थोड़ा सा रुका और उनकी चूचियों को दबाने लगा, उन्हें किस करने लगा.
उनकी एक चूची के निप्पल को अपने मुँह में लेकर पीने लगा. Chachi ko chhat par choda

चाची मस्त होने लगीं और उनकी चुत में होने वाला दर्द मिठास भरने लगा.
मैं समझ गया कि चाची को मजा आ रहा है, तो मैं उनकी बड़ी-बड़ी चूचियों को मसलते हुए चूसने लगा. इससे उनकी दोनों चूचियां लाल हो गईं. Chachi ko chhat par choda

उन्हें इससे थोड़ा आराम भी मिल गया था, तो वे अपनी गांड को जुंबिश देने लगी थीं.
जब मैंने यह देखा तो मैं भी धीरे धीरे लंड को अन्दर घुसेड़ने की कोशिश करने लगा.

अब चाची कामुक आहें भर रही थीं, उन्हें अच्छा लगने लगा था.
मैंने कुछ देर बाद अपना लंड थोड़ा पीछे लिया और पूरी ताकत के साथ अन्दर पेल दिया.

चाची की तो हालत खराब हो गई.

वे लौड़े के होने वाले दर्द के कारण कुछ बोल भी नहीं पा रही थीं और लौड़े को बाहर निकालने की कोशिश भी नहीं कर रही थीं.
उनकी आंखें ऊपर चढ़ गई थीं और वे बेहोश जैसी हालत में हो गई थीं. Chachi ko chhat par choda

इस बार मैं रुका नहीं, जोर-जोर से पेलता रहा.
अचानक से चाची रोने लगीं.

मगर मैं पागल सांड के जैसे उन्हें चोद रहा था.

वे सिसक रही थीं और मैं पेलता रहा था.
कुछ टाइम के बाद चाची शांत हो गईं.

अब मेरे लंड ने उनकी चूत के अन्दर जगह बना ली थी तो चुत ने भी रस छोड़ कर चिकनाहट पैदा कर दी थी.

अब उन्हें थोड़ा मजा आने लगा.
वे मस्ती में आह … आह … करने लगीं!

मैंने उसी समय नीचे हाथ लगाया तो देखा उनकी चूत फट गई थी और उसमें से खून आ रहा था.
मैंने उनको नहीं बताया … बस पेलता रहा. Chachi ko chhat par choda

कोई 15 मिनट बाद चाची की चूत ने जवाब दे दिया और वे आह आह करती हुई झड़ गईं.
उनकी चूत से पानी बहने लगा.

चाची झड़ कर बोलीं- बस करो … अब मत करो!

मेरा काम अभी हुआ नहीं था तो मैं कहां रुकने वाला था … बल्कि चुत के पानी से लौड़े ने गजब की रफ्तार पकड़ ली थी.
मैं उनकी चुत में लंड पेलता रहा.

अब मेरा निकलने वाला था.
चाची बोलीं- बाहर निकालना अपना पानी!

लेकिन मैं पेलते-पेलते रुका ही नहीं और सारा वीर्य उनकी चूत में ही निकालने लगा.
चाची बोलीं- अरे नहीं … अन्दर नहीं!

परंतु मुझे रुका ही न गया, मैं उनकी चूत में ही झड़ गया.
झड़ कर मैं उन्हीं के ऊपर लेट गया.
मेरा लंड सिकुड़ गया था. Chachi ko chhat par choda

चाची ने मुझे धक्का देकर एक साइड किया और वे अपनी चुत को देखने लगीं.

मैंने भी आंख खोल कर उनकी चूत को देखा तो चुत का भोसड़ा बन गया था और एकदम फटी हुई गुझिया के जैसी हालत हो गई थी.

वे भुनभुनाने लगीं- मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया तूने!
मैं मन ही मन हंस रहा था.

चाची ने खड़ी होने की कोशिश की तो वे खड़ी ही नहीं हो पा रही थीं.

मैंने उन्हें पकड़ कर खड़ा किया. वे चलने लगीं, तो चल भी नहीं पा रही थीं.
मैंने उनको पकड़ कर वापस बिठाया और कहा- जरा रुक जाओ, जल्दी क्या है. Chachi ko chhat par choda

वे थोड़े टाइम बैठी रहीं.
उसके बाद वे चलने लायक हुईं, तो चल कर सीढ़ी से उतरने लगी थीं.

उन्हें दर्द हो रहा था, जिस वजह से उनके मुँह पर दर्द के भाव साफ झलक रहे थे.

वे जब नीचे जा रही थीं तो नंगी ही थीं.
मैंने उनको पीछे से देखा तो उनकी नंगी गांड मारने का मन करने लगा.

चाची ने चुदाई के दौरान मुझे बताया था कि उनकी गांड में आज तक लंड नहीं गया है.

मैंने अपने मन में सोचा कि चाची चूत चुदवाने में दर्द से इतना ज्यादा चिल्ला रही थीं, यदि गांड में लंड पेल दिया तो चाची की तो मैया चुद जाएगी.
न जाने क्या हाल होगा चाची का! Chachi ko chhat par choda

यही सब मैं सोच रहा था.
चाची नीचे चली गईं और खुद को साफ करके कपड़े पहन कर खाना खाने बैठ गईं.

उन्होंने मुझे आवाज लगा कर नीचे बुलाया और मैंने भी उनके साथ खाना खाया.

खाना खाते हुए ही मैंने उनसे कहा- एक बार और ओवरहालिंग करवा लीजिए चाची … आपका सारा दर्द खत्म हो जाएगा.

मैंने बाद में उनकी गांड भी मारी.
वह खेल दो दिन बाद उनके कमरे में हुआ था.

वह सेक्स कहानी आपको जरूर लिखूंगा, पर पहले आप मुझे यह बताएं कि आपको मेरी चाची की चुदाई वाली यह देसी चाची न्यूड स्टोरी कैसी लगी. Chachi ko chhat par choda

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