Holi par bhabhi ki chudai story होली पर भाभी को लंड का मजा दे दिया

न्यूली मैरिड Xxx कहानी में मेरे अंकल के पड़ोस में एक नवविवाहिता भाभी रहती थी. उसका पति बाहर था. मैंने उसे पटाकर होली वाले दिन कैसे चोदा?
हैलो, चुदाई पसंद करने वाले मेरे प्यारे पाठको.
मेरा नाम राहुल है और मैं 27 साल का हूँ.
आपको सुनकर हैरानी होगी, लेकिन यह एकदम सच है कि ये मेरी 89वीं चुदाई की कहानी है.
मैं 18 साल की उम्र से ही चुदाई करने लगा था, जिसमें मेरी गर्लफ्रेंड्स, भाभियां और आंटियां शामिल थीं. यह स्टोरी आप पढ़ रहे हैं sexstoryqueen.com पर | Holi par bhabhi ki chudai story
मैंने अपने लंड की शुरुआत से ही बहुत परवाह की है.
मैं हमेशा यही सोचता था कि अपने लंड को इतना मोटा और लंबा कर लूँगा कि जो एक बार मुझसे चुदवा ले, उसे दूसरे के लंड की कभी हिम्मत ही न पड़े … और हुआ भी ऐसा ही.
मैंने जितनी भी लड़कियों को एक बार चोदा, वे आज भी मुझसे चुदवाती हैं.
वे शादी के बाद भी मेरे पास चुदने आती हैं.
यहां तक कि कितनी को मां भी बना दिया, जिनका बच्चा नहीं हो रहा था.
ये न्यूली मैरिड Xxx कहानी होली के दिन की है.
वैसे तो मैं दिल्ली में 3 साल से रह रहा हूँ … वह भी सिंगल, ताकि मुझे अपने फ्लैट पर किसी की चुदाई करने में कोई दिक्कत न हो.
दिल्ली में भी रहते हुए अब तक मैंने 39 चुदाई कर ली हैं. Holi par bhabhi ki chudai story
वैसे तो मेरे अंकल अपने परिवार के साथ मेरे फ्लैट से सिर्फ़ 5 किलोमीटर दूर रहते हैं, लेकिन मैं उनके यहां जाता नहीं हूँ. न जाने क्यों मुझे अच्छा नहीं लगता.
क्योंकि हर हफ्ते मेरे फ्लैट पर कोई न कोई चुदवाने आ ही जाती है, अगर मैं गलती से ड्यूटी न जाकर फ्लैट पर रह गया, तो उसी दिन कोई न कोई चुदवाने आ जाती है.
वैसे तो मैं हमेशा शनिवार और रविवार को ही चोदता हूँ.
ये हफ्ते के वे दो दिन होते हैं, जिनमें मुझे टोटल 5 चुदाई करनी होती है.
हर हफ्ते की चुदाई में दो भाभियां फिक्स्ड हैं.
बस गर्लफ्रेंड हर हफ्ते चेंज करता हूँ.
एक बार मेरी तबीयत बहुत खराब थी.
पापा ने अंकल के यहां रुकने को बोल दिया. Holi par bhabhi ki chudai story
मैंने भी सोचा कि वहां मेरी केयर हो जाएगी और जल्दी ठीक हो जाऊंगा, तो मैं अंकल के घर रहने के लिए तैयार हो गया.
वहां आस-पास सिर्फ़ परिवार रहता है.
मेरे अंकल एक कंपनी में नौकरी करते हैं, तो उन्हें रहने को कंपनी की तरफ़ से ही कमरा मिला था.
मैं अंकल के यहां कुछ दिन रहा.
उधर मेरा स्वास्थ्य काफी ठीक हो गया था और चूंकि उधर मेरे पास कोई काम नहीं रहता था तो मैं अपनी आदत के मुताबिक इधर उधर ताक-झांक करते हुए किसी चुत की तलाश में रहने लगा था. Holi par bhabhi ki chudai story
वहां पास में बहुत सारी भाभियां थीं, जो दिखने में बहुत खूबसूरत थीं और चोदने लायक माल थीं.
उस समय मुझे पहली बार बिना चुदाई के इतना समय हुआ था, हर हफ्ते मुझे चुदाई की आदत है … तो लौड़े को काफी दिक्कत होने लगी थी.
उसी समय मैंने एक बहुत मस्त भाभी देखी.
उसका फिगर 36-40-36 होगा. उसकी गांड बहुत बड़ी थी.
भाभी के स्तन ऐसे … मानो देखते ही कोई भी मुँह से काट ले.
मैं बस उसको कल्पना कर रहा था कि नंगी होने के बाद इसका फिगर कैसे दिखता होगा. Holi par bhabhi ki chudai story
इसको तो इसका पति बहुत चोदता होगा.
बाद में पता चला कि उसका पति CISF में है और उसकी शादी कुछ ही महीने पहले ही हुई है.
मैंने सोचा कि फिर तो इसकी चुदाई बहुत पसंद होगी.
मैं जितने दिन रहा, भाभी को हमेशा बालकनी से देखता रहता था.
भाभी भी मेरी नजरों को नोटिस कर रही थी. Holi par bhabhi ki chudai story
लेकिन मैं मजबूर था.
मैं नहीं चाहता था कि अंकल के घर में मेरी वजह से कोई समस्या हो.
फिर एक दिन जब मन नहीं माना, तो मैंने भाभी को अपने लंड का दर्शन करवा ही दिया.
उस दिन मैंने वॉशरूम में तौलिया पहना, ऊपर के कपड़े पहने, पर नीचे तौलिया के अन्दर कुछ नहीं पहना था.
सोच यह थी कि भाभी को मेरे लंड का साइज़ पता चल जाए.
क्या पता वह साइज़ देख कर मुझे चुदाई के लिए रेडी हो जाए.
मैंने जैसे ही देखा कि भाभी अपनी बालकनी में खड़ी है, उसी टाइम मैं वॉशरूम में चला गया.
फिर हुआ भी वही, जो मैंने सोचा था.
तौलिया के ऊपर से भाभी ने मेरे लंड का साइज़ समझ लिया कि इसके पास वह स्पेशल वाला लंड है, जो उसकी प्यास बुझा सकता है.
भाभी की निगाहें तो मैंने समझ ली थीं कि यह टांगें फैलाने को रेडी है … लेकिन अब मेरे जाने का टाइम आ गया था. Holi par bhabhi ki chudai story
फिर मैंने दिमाग लगाया और बालकनी से ही अपने फोन पर झूठ-मूट की बात करते हुए भाभी को इनडायरेक्टली बता दिया कि मैं कल यहां से जा रहा हूँ.
उस समय भाभी मुझे बस ऐसे देखे जा रही थी … जैसे मानो वह मेरी गर्लफ्रेंड थी और मैं उससे दूर जा रहा हूँ.
जब तक मुझे उसकी तरफ से कोई संकेत नहीं मिलता, तब तक मैं कुछ नहीं कर सकता था.
सो मैं अपने फ्लैट में वापस आ गया.
फिर मैं चला गया और उसके बाद मुझे होली के अवसर पर अंकल के घर जाने का मौका मिला.
अंकल आंटी शहर से बाहर गए थे तो मुझे ही उनके घर में रहने जाना पड़ा था. Holi par bhabhi ki chudai story
मैं वहां की होली देखने के लिए बालकनी में खड़ा था, तो मेरी नज़र उसी भाभी पर पड़ी.
उसे पता नहीं था कि मैं आया हूँ, वह मुझे देखते ही एकदम से हैरान सी दिखी.
मैं खुद भी दस मिनट तक वहीं खड़ा रहा था ताकि वह मुझे देख ले.
जैसे ही किसी ने ऊपर की बालकनी से उस भाभी के ऊपर रंग डाला, उसकी नज़र मुझ पर पड़ी.
मुझे देखते ही वह मुस्कुराई और जल्दी से सामने वाली बालकनी में आ गई. Holi par bhabhi ki chudai story
मैंने भी बोला- हैप्पी होली भाभी!
उसने पूछा- आप कब आए?
मैंने बोला- जस्ट अभी, आपने देखा तभी तो आया हूँ!
वह बोली- होली खेलने आए हो तो खेलो क्यों खड़े हो?
मैंने बोला- किसी को जानता नहीं हूँ तो किसके साथ खेलूँ?
भाभी ने बोला- अरे किसी को भी रंग लगा दो, कोई बुरा नहीं मानेगा … होली है! Holi par bhabhi ki chudai story
मैंने बोला- तो आ जाओ फिर स्टार्टिंग आपसे ही कर लूँ!
वह बोली- अच्छा रुको, मैं आती हूँ.
मैंने सोचा कि आज अगर ये आ गई, तो आज ही इसको चोद दूँगा. बहुत तड़पा हूँ इसकी गांड मारने के लिए!
मैं काफी देर तक इंतज़ार करता रहा लेकिन वह नहीं आई.
मैं ऊपर वाले रूम में ही फोन चलाने लगा.
तभी अचानक भाभी आ गई.
वह बोली- क्या थक गए या डर गए?
मैंने बोला- हां आप ही लेट आई हो! Holi par bhabhi ki chudai story
वह बोली- काम था, चलो आ जाओ खेलते हैं होली!
मैंने बोला- बाहर क्यों जाना? यहीं खेल लेते हैं ना!
भाभी ने बोला- वैसे भी बाहर कोई नहीं है आपके अंकल आंटी भी नहीं हैं, वे लोग अपनी मंडली के साथ बाहर गए हैं.
मैंने हां कहा.
मैं समझ गया कि मेरे लिए ये अच्छा मौका है और शायद भाभी को भी समझ आता है कि मैं अंकल आंटी की वजह से कुछ हिचकता हूँ.
मैंने गुलाल लिया और भाभी के चेहरे पर लगाना शुरू कर दिया. Holi par bhabhi ki chudai story
उस वक्त तक मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी कि मैं भाभी को कहीं और टच करने की जुर्रत करूं.
लेकिन जैसा हमेशा होता है … टच करने से ही मेरा लंड टाइट हो गया.
फिर भाभी ने भी मुझसे गुलाल लगाया, लेकिन उसने कुछ ज़्यादा ही लगा दिया.
फिर मैंने भी गुलाल लेकर भाभी के ब्लाउज़ में डाल दिया.
ब्लाउज में हाथ गया तो भाभी की निकल पड़ी.
बस फिर क्या था, हम दोनों ही इतने जोश में आ गए कि पता ही नहीं चला कि कब क्या हुआ!
अब तक मैंने भाभी के ब्लाउज़ के अन्दर अपना हाथ डाल दिया और उनके दूध मसलने लगा.
भाभी ने मुझे रोक लिया और बोली- आह इधर बाहर यह सब नहीं, कोई देख लेगा!
मैंने गेट बंद कर दिया और भाभी को दीवार के किनारे दबा कर गुलाल लगाना शुरू कर दिया.
उसकी साड़ी के आंचल को नीचे गिरा दिया. अब उसके रसभरे स्तन मुझे ब्लाउज़ के ऊपर से ही दिखने लगे. Holi par bhabhi ki chudai story
उसके स्तनों की गली बहुत गहरी थी, जिसमें मेरा लंड आक्रामक हो गया और बूब्स फकिंग के लिए टनटनाने लगा.
भाभी ने कहा- मुझे पता है आपको क्या चाहिए लेकिन ज्यादा समय नहीं है. जो करना है जल्दी करो लो!
मैंने भाभी को चूमना शुरू कर दिया.
तभी भाभी ने मेरा लंड पकड़ लिया और समझ गई कि सच में मेरा लंड मोटा और लंबा हो गया है. Holi par bhabhi ki chudai story
मैंने भाभी के ब्लाउज़ को खोलकर उसकी ब्रा में फंसी चूचियां देखीं.
भाभी काले रंग की ब्रा में बड़ी सेक्सी लग रही थी.
मैंने देर नहीं की और ब्रा के कप को ऊपर हटाते हुए भाभी के स्तनों को बाहर निकाल लिया और पागल होकर चूसने लगा.
कुछ ही मिनट में भाभी बोली- हाय थोड़ा जल्दी जल्दी करो न!
मैंने भाभी को बोला- जल्दी जल्दी में क्या मजा आएगा!
वह बोली- मुझे जल्दी से चोद लो, बाद में टाइम मिला तो देर तक करूँगी … पक्का! Holi par bhabhi ki chudai story
लेकिन मैं नहीं माना.
मैंने लौड़ा चूसने को बोला.
भाभी लंड चूसने के लिए घुटनों पर बैठ गई.
भाभी को कुछ ज्यादा ही जल्दी थी, उसने मेरा लंड इतनी स्पीड में चूसा मानो सारा माल और हवा निकाल देगी.
इससे साफ लगने लगा था कि भाभी को लंड चूसने का अच्छा अनुभव था. Holi par bhabhi ki chudai story
अब मेरा लंड टाइट हो गया
हमेशा की तरह चुदाई के लिए मैंने भाभी को घोड़ी बनने को बोला और वह हो भी गई.
जैसे ही वह घोड़ी बनी, मैंने देर नहीं की और अपना लंड उसकी चुत में डाल दिया.
लेकिन वह बर्दाश्त नहीं कर पाई और खड़ी हो गई.
भाभी बोली- नहीं जाएगा ऐसे … सच में बहुत मोटा है!
मैं लौड़े को सहलाता हुआ उसे देखने लगा. Holi par bhabhi ki chudai story
उसने बोला- तेल लगा लो ना!
लेकिन मेरे पास तेल नहीं था.
मैंने बोला- रुको मैं थूक लगा लेता हूँ … आप घोड़ी बन जाओ!
मैंने अपना लंड पर थूक लगाया ताकि आसानी से घुस जाए.
इस बार मैंने भाभी को जोर से पकड़ा ताकि भाग न पाए.
फिर देर नहीं करते हुए मैंने अपना पूरा लंड उसकी चुत में डाल दिया. Holi par bhabhi ki chudai story
वह लौड़े को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी, शायद इसलिए कि वह न्यूली मैरिड थी और क्योंकि उसकी चुदाई नहीं होने से उसका छेद सही से खुला नहीं था.
मैंने बिना रुके 20 मिनट तक उसकी चुदाई की.
ऐसी चुदाई ताकि सबकी तरह उसको भी याद रहे.
उसके बाद मैंने उससे कहा- अब आप मेरे लंड पर बैठो.
वह जैसे ही लौड़े पर बैठी, मैंने फिर से धकापेल चोदना शुरू कर दिया. Holi par bhabhi ki chudai story
क्योंकि मुझे पता था कि कभी भी कोई भी आ सकता है.
मुझे ये मौका जाने नहीं देना था.
ऐसे ही मैंने भाभी की और दस मिनट तक चुदाई की.
होली की वजह से भाभी को किसी से मिलने जाना था तो वह बार बार मुझे और देर न करने की कह रही थी.
तभी मेरा काम हो गया.
चुदाई के बाद मैंने भाभी से उसका नंबर ले लिया.
उसने बोला कि मेरे फ्लैट पर आना, अब मुझे जाना है!
मैं भाभी की चूत लेकर जैसे ही अपने फ्लैट पर आया, उसने वीडियो कॉल करके अपनी चुत और चूचियों की दशा दिखाई और तुमने मेरी चुदाई के बाद यह हालत कर दी है.
चुत फूल कर पकौड़ा हो गई थी और चूचियां लाल गुलाल के कारण एकदम सेब सी दिख रही थीं. Holi par bhabhi ki chudai story
अब सब लड़कियों की तरह वह भाभी भी मेरे लंड की दीवानी हो गई.
मुझे आशा है कि आपको मेरी न्यूली मैरिड Xxx कहानी अच्छी लगी होगी.
अपने कमेंट्स जरूर करें. Holi par bhabhi ki chudai story
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