Holi Masti Chudai Story होली का सेक्सी खेल खेला भाभियों साथ

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Holi Masti Chudai Story

मैं सोनू हाज़िर हूं चूत चुदाई के घमासान में। मैं 26 साल का जवान लौंडा हूं। मेरा लन्ड 7 इंच लम्बा है जो किसी भी चूत को चोदकर उसकी प्यास बुझाने में सक्षम है। जब भी मेरा लन्ड किसी चूत को चोदता है तो उसको बुरी तरह से पानी पानी कर देता है। जिससे चूत को पूर्ण संतुष्टि मिलती है। अब तक मै कई मक्खन जैसी माल को मेरे लन्ड के नीचे ला चुका हूं। यह स्टोरी आप पढ़ रहे हैं sexstoryqueen.com पर | Holi Masti Chudai Story

मेरे 12 वी क्लास के बोर्ड एग्जाम चल रहे थे। उस समय मै 18 साल का था। तभी मुझे चुदाई की भयंकर तलब लगी थी। फिर मैंने मेरे लन्ड की आग को शांत करने के लिए मैडम को मेरे लन्ड के नीचे ला दिया था। उसके बाद मुझे मेरी चाची को चोदने का भरपूर मौका मिल रहा था। तभी होली का त्योहार आ गया।

सुबह होते ही सबने रंग गुलाल लगाना शुरू कर दिया। पूरी कॉलोनी में शोर मच गया। सभी रंग लगाने में मस्त हो रहे थे। मैं चुपचाप बैठकर पढ़ाई कर रहा था। अब मैं चाचा के बाहर जाने का इंतजार करने लगा। थोड़ी देर बाद जैसे ही चाचा घर से बाहर निकले तो मैं चाची पर टूट पड़ा। Holi Masti Chudai Story

मैंने चाची को पीछे से बुरी तरह से जकड़ लिया। मैंने उनके चेहरे को गुलाल से अच्छी तरह से रगड़ दिया। फिर चाची के कुर्ते में हाथ डालकर उनके बड़े बड़े बूब्स को गुलाल से अच्छी तरह से मसल डाला। फिर मैंने गुलाल का दूसरा पैकेट पूरा का पूरा उनके बूब्स में रगड़ दिया।

मुझे चाची के बूब्स पर गुलाल लगाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। फिर मैंने फटाफट चाची के सलवार में हाथ डालकर चाची की मखमली चूत को भी गुलाल से सराबोर कर दिया। अब मैं चाची की चूत को सहलाते हुए दूसरे हाथ से चाची के बूब्स को दबाने लगा। Holi Masti Chudai Story

चाची– ज्यादा शैतानी मत कर। अब छोड़ मुझे। तेरे चाचा आ जाएंगे।

मैं– नहीं आएंगे आप चिंता मत करो। आज तो आपको अच्छी तरह से रगडूंगा।

चाची– जल्दी से कर ले, जो करना है।

तभी मैंने चाची को छोड़ा और फटाफट से रंग घोल लिया। तभी चाची मुझसे बचने के लिए बेडरूम में घुस गई और अन्दर से दरवाजा बंद कर लिया।

मैं– चाची दरवाजा खोल ना।

चाची– नहीं, मुझे रंग नहीं लगवाना।

मैं– अरे चाची बस थोड़ा सा रंग लगाऊंगा। प्लीज आप बाहर तो आइए।

चाची– नहीं मै नहीं आऊंगी।

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चाची बेडरूम से बाहर आने के लिए तैयार नहीं हो रही थी और मैं चाची को रंग में रगड़ने के लिए तड़प रहा था। तभी बच्चे थोड़ी देर के लिए वापस आ गए। अब मैंने मेन गेट वापस बंद कर दिया। अब वो चाची को बुलाने लगे। चाची को मजबुर होकर बेडरूम से बाहर आना पड़ा। जैसे ही चाची ने गेट खोला तो मैंने चाची को दबोच लिया और उन्हें बेडरूम में ले जाकर बेड पर पटक दिया। अब मैंने फटाफट अंदर से गेट बंद कर लिया। Holi Masti Chudai Story

चाची– सोनू प्लीज यार रंग मत लगा। ये पक्का रंग है, ये नहाने पर भी नहीं छूटेगा।

मैं– आप टेंशन मत करो। मैं सब छुड़ा दूंगा।

चाची अब भी मुझसे बचने की कोशिश कर रही थी लेकिन अब उनके पास बचने का कोई चांस नहीं था। अब मैंने एक ही झटके में चाची के पजामे और पैंटी को खोल फेंका और फिर तुंरत ही चाची की टांगो, जांघो और चूत को पक्के हरे रंग में रंग दिया। चाची गुस्सा होकर ना नू करने लगी। लेकिन मैं कहां रुकने वाला था। Holi Masti Chudai Story

कुछ ही पलों में मैंने चाची के कुर्ते को भी उतार फेंका। अब चाची बेडरूम में पूरी नंगी हो चुकी थी। अब मैंने चाची के गुलाल में रंगे हुए बूब्स को पक्के हरे रंग में रंग डाला। चाची गुस्सा होकर लाल पीली हो रही थी। अब मैंने चाची को ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी हरे रंग में रगड़ दिया।

फिर चाची को पलटा और उनकी गौरी चिकनी पीठ, मस्त शानदार जानदार गांड़ को भी अच्छी तरह से रंग डाला। अब चाची का गौरा चिकना जिस्म हरा भरा हो चुका था। तभी मैंने चाची को फिर से पलटकर सीधा कर लिया। अब मैंने फटाफट मेरे कपड़े निकाल फेंके और पूरा नंगा हो गया। Holi Masti Chudai Story

अब मैंने मेरे लन्ड को रंग में रंगा और फटाफट चाची की चूत की पिच पर लंड रखकर चाची का विकेट उड़ा दिया। अब मेरा लन्ड चाची की चूत में धुंआधार बल्लेबाजी करने लगा। चाची धीरे धीरे धीरे धीरे सिसकारियां लेते हुए आहे भरने लगी। उनके चेहरे पर चूत का दर्द साफ साफ झलकने लगा।

चाची गुस्से में और भी भयानक हरी भरी होती जा रही थी। मैं गांड़ हिला हिलाकर चाची को मस्ती में पेले जा रहा था। होली के रंग में मुझे चाची को पेलने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मेरा लन्ड लगातार चाची की चूत की बखिया उधेड़ रहा था। चाची गुस्से में होकर चुदाई करवा रही थी। फिर थोड़ी देर बाद चाची झड़ गई। अब बेडरूम में खाचखच फ्फच फ्फच फ्फाछ फ्फच की आवाजे गूंजने लगी। Holi Masti Chudai Story

चाची– सोनू जल्दी से खत्म कर यार।

मैं– बस हो गया चाची।

फिर मैंने जल्दी जल्दी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर चाची की चूत में रस भर दिया। अब मैं चाची के जिस्म के ऊपर से हट गया। चाची भयंकर गुस्से में हो चुकी थी।

चाची– सोनू तूने बहुत ग़लत किया।

मैं– चाची आज तो होली है। इसमें बुरा मानने वाली क्या बात है।

चाची– जब मैंने मना कर दिया था तो फिर तूने इतना रंग क्यो लगाया?

मैं– चाची अगर मै आपको रंग नहीं लगाता तो होली का मज़ा अधूरा ही रह जाता है। प्लीज चाची आप गुस्सा मत करो।

चाची– पूरा बेडरूम गंदा हो है।

मैं– कोई बात नहीं ये तो साफ हो जाएगा।

फिर धीरे धीरे चाची का गुस्सा शांत हुआ। अब चाची ने कपडे पहने। फिर मैंने भी कपड़े पहने। अब मै वापस पढ़ाई करने बैठ गया। थोड़ी देर बाद नीचे रहने वाली किराएदार भाभियां आ गई और उन्होने चाची को अच्छी तरह से रंग दिया। कुछ देर बाद चाचा होली खेलकर घर आ गए। Holi Masti Chudai Story

फिर चाचा ने कहा कि वो शॉप पर जा रहे है। 3, 4 बजे तक वापस आ जाएंगे। फिर चाचा किराने की दुकान पर चले गए। तभी लगभग 11 बजे चाची की 2 सहेलियां चाची को रंग लगाने आई। चाची की दोनो सहेलियां ही एकदम चिकनी माल थी। ये पहले भी चाची से मिलने आती रहती थी।

चाची की एक सहेली का नाम वर्षा था। वो लगभग 35 साल की शानदार माल थी। वर्षा भाभी के बड़े बड़े बूब्स थे जो लगभग 34 साइज के होंगे। वर्षा भाभी की गौरी चिकनी कमर 32 की और उनकी मस्त गुद्देदार मजबूत गांड़ लगभग 34 साइज होगी। वो चोदने के लायक एकदम मस्त शानदार माल है। Holi Masti Chudai Story

चाची की दूसरी सहेली नाम भूमिका था। भूमिका भाभी लगभग 34 साल की थी। भूमिका भाभी का जिस्म भी एकदम भरा भरा सा था। भूमिका भाभी के बूब्स लगभग 32 साइज थे। भूमिका भाभी की गौरी चिकनी दूध जैसी कमर लगभग 30 साइज की और उनकी मस्त गांड़ लगभग 32 साइज की थी। भूमिका भाभी भी लंड को भरपूर मज़ा देने वाली बिंदास माल थी।

सबसे पहले तो वर्षा और भूमिका भाभी ने चाची को अच्छी तरह से पकड़ लिया। चाची खुद छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन चाची की कोशिश फ़ैल हो गई थी। अब वर्षा भाभी ने गुलाल निकाली और चाची के बूब्स में पूरी गुलाल भरकर चाची के बूब्स को रगड़ डाला Holi Masti Chudai Story

फिर वर्षा भाभी ने चाची के सलवार में गुलाल भर दी। अब भूमिका भाभी ने भी पीछे से चाची की गांड़ में गुलाल भर दी और आगे से उनके बूब्स को रंग में रंग दिया। चाची उनकी दोनों सहेलियों के बीच बुरी तरह से फंसी हुई थी। चाची की दोनो सहेलियां चाची को बुरी तरह से रगड़ रही थी। फिर अच्छी तरह से रगड़ने के बाद उन्होंने चाची को छोड़ा। Holi Masti Chudai Story

मैं लोन में सोफे पर बैठकर पढ़ाई करते हुए चाची और उसकी सहेलियों की मस्ती देख रहा था। अब जैसे ही चाची उनकी सहेलियों को रंग लगाने लगी तो उन्होंने उलटा फिर से चाची को ही रंग डाला। तभी चाची ने कहा– सोनू मेरी हेल्प करा ना।

मैं– अभी आया चाची।

तभी मैंने फटाफट पक्का रंग घोला और वर्षा भाभी के पीछे पड़ गया। इधर चाची भूमिका भाभी को ले बैठी। वर्षा भाभी रंग देखते ही मुझसे बचने के लिए बेडरूम की तरफ भागी। अब वो फटाफट बेडरूम का दरवाजा बंद करने लगी तभी मैंने दरवाजे को पकड़ लिया और जोर से धक्का देकर मै भी बेडरूम में घुस गया। अब वर्षा भाभी मुझसे बचकर कहां जाती? Holi Masti Chudai Story

वर्षा भाभी– सोनू प्लीज ये रंग मत लगा।

मैं– भाभी आज तो आपको इसी रंग से रगडूंगा।

वर्षा भाभी– नहीं सोनू। प्लीज रहने दे ना।

मैं– आज तो मैं नहीं मानूंगा।

तभी मैंने वर्षा भाभी को पकड़ा और उन्हें दीवार के सहारे सटाकर उनके गौरे चिकने चेहरे को हरे पक्के रंग में रंग दिया। वर्षा भाभी को कुछ समझ में नहीं आया। वो रंग की जलन की वजह से खुद को सम्हालने लगी। तभी मैंने उनके चेहरे को फिर से रंग में रंग दिया। मुझे वर्षा भाभी के गौरे चिकने चेहरे को रंगने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।

वर्षा भाभी अभी अभी अपने आप को बचाने की कोशिश कर रही थी। अब मैंने वर्षा भाभी के साडी के पल्लू को खींचकर नीचे गिर दिया। तभी वर्षा भाभी तुरंत समझ गई कि अब उनके बूब्स का नंबर आ गया है। अब वर्षा भाभी ने ब्लाउज को दोनों हाथों से ढक लिया। वो बूब्स पर रंग लगाने से मुझे रोकने लगी। Holi Masti Chudai Story

इधर मै भाभी के हाथो को ब्लाउज पर से हटाने लगा। लेकिन भाभी मान नहीं रही थी। फिर मैंने ज़ोर से झटका देकर भाभी के हाथो को ब्लाउज पर से हटा दिया। ब्लाउज पर वर्षा भाभी की पकड़ ढीली पड़ते ही मै भाभी के ब्लाउज पर टूट पड़ा और ब्लाउज के अंदर हाथ डालकर वर्षा भाभी के मस्त रसदार बूब्स को रंग में रगड़ने लगा।

आह क्या मस्त बूब्स थे भाभी के। कसम से यारो भाभी के बूब्स को रगड़ने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। भाभी अभी भी मुझसे छीनाझपटी करने में लगी हुई थी। मैं भाभी को रंग लगाते हुए भाभी के बूब्स को दबाने, रगड़ने का मज़ा लेने लगा। भाभी के मस्त बूब्स का करंट सीधे मेरे लन्ड पर पड़ रहा था। Holi Masti Chudai Story

मेरा लंड धीरे धीरे बेकाबू होता जा रहा था। फिर कुछ ही पलों में मैंने वर्षा भाभी के बूब्स को अच्छी तरह से रंग में रंग डाला। अब मेरा लन्ड तनकर लोहे की रॉड बन चुका था। अब मैं जैसे ही डिब्बे में रंग लेने लगा तो वर्षा भाभी अपने आप को ठीक करने लगी। उन्हें नहीं पता था कि अभी उन पर और हमला होने वाला था।

भाभी– तू बहुत ज्यादा शैतान है सोनू।

मैं– अभी तो शैतानी बाकी है भाभी।

तभी मैं फिर से रंग लेकर वर्षा भाभी पर टूट पड़ा और अबकी बार मैंने वर्षा भाभी के पेटीकोट में हाथ घुसा दिया। अब मैं भाभी की पैंटी में हाथ डालकर भाभी की चूत को रंग में भिगोने लगा। भाभी की चूत पर मुझे बड़ी बड़ी फसल का एहसास हो रहा था। मेरी इस हरकत से भाभी एकदम से चौंक गई। वो मेरे हाथ को पेटीकोट में से बाहर निकालने की कोशिश करने लगी। Holi Masti Chudai Story

भाभी– सोनू प्लीज वहां रंग मत लगा ना।

मैं– भाभी आज तो मैं आपको पूरी रंगकर ही छोड़ूंगा।

भाभी– सोनू, नहीं प्लीज रहने दे ना।

मैं– नहीं भाभी। आज तो होली है। फिर मुझे ऐसा मौका कभी नहीं मिलेगा।

तभी मैंने वर्षा भाभी की चूत पर रंग लगाते हुए भाभी की चूत को अच्छी तरह से मसल डाला। फिर मैंने भाभी की चूत को उंगलियां पेल दी। अब मैं धीरे धीरे भाभी की चूत को उंगलियों से चोदने लगा। मेरी। इस हरकत से भाभी को 200 वाट का करंट लगा। अब वो समझ गई कि यहां तो मामला उल्टा पड़ चुका है। तभी भाभी गुस्से में हो गई। Holi Masti Chudai Story

भाभी– सोनू, छोड़ मुझे।

मैं– नहीं छोडूंगा भाभी। आज तो होली है।

अब मैंने धीरे धीरे भाभी की चूत में उंगलियों की स्पीड बढ़ा दी। अब भाभी धीरे धीरे सिसकारियां भरने लगी। मेरा लन्ड भाभी की चूत में समाने के लिए बूरी तरह से तड़पने लगा। लगातार चूत में उंगली होने की वजह से कुछ ही देर में भाभी की चूत रिसने लगी। अब मैं भाभी की चूत में उंगली करते हुए भाभी के रंग में रंगे हुए होंठो को चूसने लगा।

धीरे धीरे भाभी के जिस्म की आग बढ़ने लगी। भाभी अभी भी मेरे हाथ को पेटीकोट में से बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। इधर मै जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए भाभी की चूत की गहराई को नाप रहा था। फिर थोड़ी देर बाद मैंने वर्षा भाभी को उठाकर बेड पर पटक दिया। Holi Masti Chudai Story

भाभी उठने के लिए झटपटाने लगी। तभी मैंने फिर से भाभी को पकड़कर बेड पर पटक दिया। मै फटाफट से मेरे कपड़े खोलकर वर्षा भाभी पर चढ़ बैठा। अब वर्षा भाभी पूरी तरह से मेरी पकड़ में आ चुकी थी लेकिन वो अभी भी मुझसे छुटने की कोशिश कर रही थी।

अब भाभी पूरी तरह से समझ चुकी थी कि रंग लगाने के चक्कर में आज उनकी जबरदस्त ठुकाई होने वाली है। अब मैंने भाभी को कसकर जकड़ा और उनके गले को चूमने लग गया। भाभी हाथो पैरो को इधर उधर पटकने लगी। वो अभी भी ये मानने को तैयार नहीं थी कि उनकी चूत में लंड जाने वाला है। Holi Masti Chudai Story

भाभी– सोनू ये क्या कर रहा है तू। प्लीज छोड़ ना मुझे।

मैं बिना कुछ कहे भाभी के जिस्म की आग भड़काने में लगा हुआ था। मैं लगातार भाभी के गले पर चुम्बनों की बारिश कर रहा था।

भाभी– सोनू प्लीज मत कर ना यार।

लेकिन मै कहां मानने वाला था। मैं भाभी को रगड़ रगड़कर किस करता रहा। थोड़ी ही देर में भाभी ने थक हारकर मुझे बाहों में जकड़ लिया। अब भाभी ने छीनाझपटी बंद करके मेरी पीठ पर हाथ फेरना चालू कर दिया था। अब वो धीरे धीरे सिसकारियां लेने लगी। अब भाभी अच्छी तरह से गरम हो चुकी थी। अब मैं थोड़ी देर तक वर्षा भाभी को ऐसे ही किस करता रहा। फिर मैंने वर्षा भाभी के बड़े बड़े बूब्स को ब्लाउज में से मसलने लगा और उन्हें फिर से रंग में रंगने लगा। Holi Masti Chudai Story

भाभी– ओह सोनू तू ये क्या कर रहा है? ऐसे मत कर ना।

मैं– भाभी मै तो सिर्फ रंग लगा रहा हूं।

भाभी– मुझे तेरा इरादा रंग लगाने का नहीं लग रहा है।

मैं– नहीं भाभी मै तो सिर्फ रंग ही लगा रहा हूं।

थोड़ी ही देर में मैंने फिर से वर्षा भाभी के मस्त बूब्स को रंग में भिगो दिया। अब मैंने वर्षा भाभी की पीठ के नीचे हाथ चलाकर भाभी के ब्लाउज की लेस को खोल दिया। अब भाभी का ब्लाउज ढीला हो चुका था। भाभी ने मेरा इरादा भांप लिया था। तभी भाभी ने ब्लाउज को पकड़ लिया। वर्षा भाभी मुझे ब्लाउज खोलने से रोक रही थी और मैं भाभी का ब्लाउज खोलने की पूरी पूरी कोशिश कर रहा था। Holi Masti Chudai Story

मैं– भाभी ब्लाउज खोलने दो। नहीं तो ब्लाउज फट जाएगा।

भाभी– नहीं मै नहीं खोलने दूंगी।

मैं– मै ब्लाउज फाड़ दूंगा।

भाभी– नहीं ऐसा मत कर।

मैं– तो फिर चुपचाप ब्लाउज खोलने दो।

भाभी– लेकिन तुझे ब्लाउज क्यों खोलना है? तूने रंग तो लगा दिया ना। अब क्या चाहिए?

मैं– नहीं अभी अच्छी तरह से रंग नहीं लगा है।

भाभी– लगा तो दिया ना यार। अब तो छोड़ दे मुझे।

मैं– नहीं, आज तो आपको अच्छी तरह से रंग में रंगना है।

भाभी– अरे यार। आज तो बुरी फंस गई मै।

तभी मैंने वर्षा भाभी के दोनो हाथ झटक कर हटा दिए। अब भाभी की पकड़ ढीली पड़ते ही मैंने वर्षा भाभी का ब्लाउज ब्रा के साथ ही निकाल फेंका। वर्षा भाभी ब्लाउज को पकड़ते ही रह गई लेकिन ब्लाउज अब उनकी पहुंच से दूर जा चुका था। वर्षा भाभी का ब्लाउज खुलते ही भाभी के बड़े बड़े बूब्स बाहर उछल पड़े। Holi Masti Chudai Story

भाभी के बूब्स अब खुली हवा में लहरा रहे थे। भाभी शर्म से पानी पानी हो चुकी थी। भाभी के बूब्स को देखकर मेरा लन्ड बुरी तरह से तन गया। अब मेरा लंड भाभी की चूत के दर्शन करने के तड़पने लगा। फिर मैंने बड़ी मुश्किल से मेरे लन्ड को समझाया।

भाभी बूब्स केवल ऊपर ऊपर ही रंग में रंगे हुए थे। अब मैंने मेरे हाथो को रंग में भिगोया और फिर वर्षा भाभी के बड़े बड़े बूब्स को अच्छी तरह से रंगने लगा। वर्षा भाभी ने तो शरमाते हुए आंखे बंद कर ली थी। अब बस भाभी का पूरा माल मेरे हाथ में था। Holi Masti Chudai Story

अब मै भाभी के चूचों को रंग लगा लगाकर अच्छी तरह से मसल रहा था। बीच बीच में बूब्स को अच्छी तरह से दबा भी रहा था। अब भाभी फिर से सिसकारियां भरने लगी। अब भाभी के बूब्स गौरे चिट्टे से हरे हो चुके थे। तभी बेडरूम के बाहर से चाची की आवाज़ आई– सोनू अभी तक रंग नहीं लगा क्या?

मैं– नहीं चाची, आज मै वर्षा भाभी को अच्छी तरह से रंग रहा हूं।

चाची– हां तो अच्छी तरह से रंग लगाना मेरी सहेली को। कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।

मैं– कोई कमी नहीं रहेगी चाची। आज आपकी सहेली को मै ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी रंग बिरंगी कर दूंगा।

चाची– ठीक है लगा रहे। मैं सबके लिए नाश्ता बना लेती हूं।

वर्षा भाभी के बूब्स को अच्छी तरह से रगड़ने के बाद अब मै भाभी के बूब्स को चूसने लगा।

भाभी– सोनू ये तू क्या कर रहा है?

मैं– भाभी, मै वहीं कर रहा हूं जो मुझे करना चाहिए।

चाची– नहीं, अब तू ज्यादा ही शैतान हो रहा है।

मैं– आज तो शैतानी करने का मेरे पास पूरा मौका है।

भाभी मुझे बूब्स चूसने से रोकने लगी लेकिन मै भी ज़िद पर अड़ा था। मैं भाभी से ज़िद करते हुए भाभी के बूब्स को चूस रहा था। मुझे भाभी के बड़े बड़े गजराए हुए चूचों को चूसने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मैं बड़ी शिद्दत से वर्षा भाभी के बूब्स को चूस रहा था।

भाभी अभी भी मुझे हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन अब तो वो भी समझ चुकी थी कि अब बेवजह कोशिश करने में कोई फायदा नहीं है। भाभी ना नुकुर करती रही और मैं भाभी के बूब्स को बड़ी मस्ती से चूसता रहा। थोड़ी ही देर में मैंने भाभी के बूब्स को अच्छी तरह से चूस डाला। Holi Masti Chudai Story

मैं–ओह भाभी, मज़ा आ गया। बहुत मस्त है यार आपके बूब्स।

भाभी– बहुत ज्यादा शैतान निकला तू।

मैं– वो तो मै हूं ही भाभी।

अब मैं तुरंत भाभी के ऊपर से नीचे उतरा और फटाफट पेटीकोट में फंसी हुई वर्षा भाभी की साड़ी को खोलने लगा।

भाभी– अब इसको क्यो खोल रहा है?

मैं– अभी यहां रंग लगाना बाकी है भाभी।

भाभी– रंग लगा तो दिया अब और कितना रंग लगाएगा?

मैं– असली रंग तो अभी बाकी है भाभी।

तभी मैंने वर्षा भाभी की पूरी साड़ी को पेटीकोट में से निकाल नीचे फेंक दी। अब मैंने वर्षा भाभी के पेटीकोट पर धावा बोल दिया। अब मै भाभी के नाड़े को खोलने की शुरुआत करने लगा। तभी भाभी ने पेटीकोट के नाड़े को पकड़ लिया। Holi Masti Chudai Story

भाभी– सोनू, थोड़ी सी तो मेरी इज्जत रहने दे।

मैं– तो भाभी मै तो सिर्फ रंग ही लगा रहा हूं। आप इतनी क्यो डर रही हो?

भाभी– नहीं मुझे तेरा इरादा कुछ और ही लग रहा है।

मैं– अरे भाभी! मेरा इरादा सिर्फ रंग लगाने का ही है। आप मेरी बात का विश्वास तो कीजिए।

भाभी– नहीं, रंग लगाना हो तो ऐसे ही लगा लें।

मैं– नहीं मै तो आपका पेटीकोट खोलकर ही रंग लगाऊंगा।

भाभी– नहीं मै नहीं खोलने दूंगी।

मैं– भाभी खोलने दो नहीं तो नाडा टूट जाएगा।

भाभी– नहीं, मै नहीं खोलने दूंगी।

अब मैंने सोचा भाभी ऐसे नहीं मानेगी। तभी मैंने ज़ोर से भाभी के दोनो हाथो को पहले तो पेटीकोट के नाड़े पर से हटाए फिर पेटीकोट के नाड़े पर कब्जा जमा कर एक ही झटके में नाड़े को खोल भाभी की टांगों में से पेटीकोट को बाहर निकाल फेंका। अब वर्षा भाभी पेटीकोट को पकड़ते ही रह गई। Holi Masti Chudai Story

पेटीकोट अब भाभी की पकड़ से दूर हो चुका था। अब भाभी के जिस्म पर अटकी हुई पैंटी को भी मैंने तुरंत निकाल फेंका। अब वर्षा भाभी मेरे सामने पूरी नंगी हो चुकी थी। वर्षा भाभी ने शरमा कर चूत को दोनों हाथों से छुपा लिया। भाभी की चूत को देखते ही मेरा लन्ड मेरी अंडरवियर फाड़ने के लिए आतुर होने लगा।

अब मेरा लन्ड किसी भी हालत में वर्षा भाभी की चूत में घुसना चाहता था। अब मैंने फिर से रंग में मेरे हाथो को भिगोया और फिर वर्षा भाभी की मजबूत टांगो को मेरे कंधे पर रखकर अच्छी तरह से रंग में रंग डाली। अब भाभी की दोनो टांगो को अच्छी तरह से रंगने के बाद मैंने भाभी के हाथो को चूत पर से हटाया। Holi Masti Chudai Story

अब मैं भाभी की चूत को हरे पक्के रंग में अच्छी तरह से रंगने लगा। मुझे भाभी की नंगी चूत पर रंग लगाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। भाभी की चूत के आस पास घनी घुंघराली झांटों का झुरमुट था। कुछ ही पलों में मैंने भाभी की चूत को हरा भरा कर दिया। अब भाभी का मखमली पेट ही बाकी था। फिर मैंने भाभी के गौरे चिट्टे पेट को भी अच्छी तरह से रंग में रंग डाला।

अब भाभी आगे से बुरी तरह से रंग में रंग चुकी थी। अब वर्षा भाभी को पहचानना भी मुश्किल हो रहा था। अब भाभी की नंगी चूत मेरे लंड के सामने थी। मेरा लन्ड तो बहुत देर से वर्षा भाभी की चूत की गहराई नापने के लिए बेकरार हो रहा था। तभी मैंने मेरे लन्ड को अंडरवेयर खोलकर बाहर निकाल लिया। Holi Masti Chudai Story

बाहर निकलते ही मेरा लन्ड बूरी तरह से तन गया। अब मेरा लन्ड भाभी की चूत में गदर मचाने के लिए तैयार था। अब मैंने वर्षा भाभी की चूत में उंगलियां घुसा डाली और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए भाभी की चूत को सहलाने लगा। भाभी ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां लेने लगी।

भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई आईईईई ओह आह आह आह आह।

मैं– आह भाभी मज़ा आ रहा है। आह आह आह ओह भाभी।

भाभी– आईईं आईईईई ओह आह आह ओह सोनू प्लीज ऐसा मर ना। आह आह आह.

मैं भाभी की चूत को बुरी तरह से कुरेद रहा था। भाभी दर्द के मारे तड़प रही थी। अब वो दर्द से करहाते हुए चेहरे को इधर उधर पटक रही थी। मुझे भाभी की चूत को सहलाने में बड़ा मज़ा आ रहा था। फिर थोड़ी देर बाद मैं भाभी की चूत को चाटने लगा। बहुत देर तक उंगलियां करने की वजह से भाभी की चूत बहुत ज्यादा गीली हो चुकी थी। Holi Masti Chudai Story

मुझे भाभी की गीली और गरमा गरम चूत को चाटने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। भाभी चुदाई की आग में तड़पते हुए अब मेरे सिर को चूत पर दबाने लगी। अब तक वर्षा भाभी बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी। अब मेरा लन्ड भाभी की चूत को फाड़ने के लिए बूरी तरह से तड़प उठा था।

अब मै और ज्यादा देर तक इंतजार नहीं कर सकता था। अब मैंने वर्षा भाभी की दोनो टांगो को मेरे कंधो पर रखा। अब मैंने मेरे लन्ड को अच्छी तरह से रंग में रंगा। फिर मेरे लन्ड के सुपाड़े को वर्षा भाभी की चूत की फांकों के बीचोबीच रख दिया। Holi Masti Chudai Story

भाभी– सोनू, ये बहुत ज्यादा गलत है।

मैं– कुछ गलत नहीं है भाभी। अगर ऐसा नहीं करूंगा तो अंदर रंग नहीं लग पाएगा। आप इस होली को जिंदगी भर याद रखोगी।

भाभी– नहीं सोनू, प्लीज मत कर ना ऐसा।

मैं– अब मै खुद को नहीं रोक सकता भाभी। रंग तो मै लगाकर ही रहूंगा। अब बस हो जाने दीजिए जो हो रहा है।

मेरी बात सुनकर भाभी चुप हो गई। अब मै भाभी का इशारा समझ चुका था। तभी मैंने भाभी की जांघों को पकड़ा और ज़ोरदार धक्का लगाकर पूरा का पूरा लन्ड भाभी की चूत में घुसा दिया। मेरा लन्ड भाभी की चूत के परखच्चे उड़ाता हुआ सीधा चूत के गर्भ ग्रह में पहुंच गया। इस ज़ोरदार हमले से वर्षा भाभी ज़ोर से चिल्ला पड़ी। दर्द के मारे भाभी की गांड फट गई। Holi Masti Chudai Story

भाभी– आईईईई आईईईई मर गई।

तभी वर्षा भाभी की चीख को सुनकर चाची ने कहा– क्या हुआ सोनू? मेरी सहेली को चीख रही है?

मैं– कुछ नहीं चाची अंदर रंग नहीं लग रहा है जो मै अब पिचकारी से रंग डाल रहा हूं।

चाची– अच्छा।

मैं– हां चाची।

चाची– कोई बात नहीं। अच्छी तरह से रंग लगा। कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।

मैं– हां चाची।

मेरे लन्ड के एक शॉट में ही वर्षा भाभी पस्त हो गई। दर्द के मारे उनके चेहरे की भाव भंगिमाएं बिगड़ चुकी थी। तभी मैंने भाभी की चूत में दूसरा शॉट दे मारा। भाभी फिर से ज़ोर से चीख पड़ी। Holi Masti Chudai Story

भाभी– आईईईई आईईईई मर गई। थोड़ा धीरे धीरे रंग लगा सोनू।

मैं– भाभी, रंग तो मै धीरे धीरे ही लगा रहा हूं। बस आपकी गुफा ही छोटी पड़ रही है।

भाभी– बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है सोनू।

मैं– कुछ देर बाद मज़ा भी बहुत आयेगा भाभी।

तभी मैंने भाभी की चूत में ज़ोरदार धक्के लगाना शुरू कर दिया। अब पूरे बेडरूम में भाभी की चीखे गूंजने लगी। मुझे वर्षा भाभी को चोदने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मेरा पूरा का पूरा लंड वर्षा भाभी की चूत की गहराई में उतर कर रंग लगा रहा था।

मेरे लन्ड के हर एक शॉट के साथ वर्षा भाभी के बूब्स ज़ोर ज़ोर से उछल रहे थे। मैं गांड़ हिला हिलाकर वर्षा भाभी को बुरी तरह से चोद रहा था। अजब गजब नज़ारा था यारो जिस वर्षा भाभी को कभी मैंने चोदने के बारे में नहीं सोचा था। आज मै उस वर्षा भाभी को बुरी तरह से बजा रहा था। Holi Masti Chudai Story

मेरे लिए ये बड़ी सम्मान की बात थी कि वर्षा भाभी जैसे रीपचिक माल की चूत मेरे लन्ड को मिल रही थी। ये होली मेरे लिए अलग ही आनंद दे रही थी। मेरे लन्ड के लगातार हमलों से वर्षा भाभी बुरी तरह से दर्द से तड़प रही थी। उनकी दर्द भरी चीखे पूरे माहौल को और भी ज्यादा सेक्सी बना रही थी।

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भाभी– आईईईई आईईईई आह आह आह ओह आईईईई आह आह आह ओह आह आईईईई।

मैं– आह आह बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है भाभी। बहुत अच्छे तरीके से रंग लग रहा है। आह आह आह ओह।

भाभी– आईईईई आईईईई आह आह आह ओह। बहुत दर्द हो रहा है सोनू।

मैं– दर्द में ही तो मज़ा है भाभी।

खचाखचं चुदाई के कारण वर्षा भाभी थोड़ी ही देर में बुरी तरह से पिघल गई और उनकी चूत ने गरमा गर्म इंडियन लावा बाहर निकाल दिया। अब भाभी पसीने पसीने हो चुकी थी। अब लंड के हर एक शॉट के साथ फ्फ्फच फ्फ्फच फ्फ्फच फ्फच की आवाजे गूंजने लगी। अब मेरा लन्ड भाभी के गरमा गर्म लावे में भीग चुका था। Holi Masti Chudai Story

अब मैंने भाभी की जांघों को छोड़ा और भाभी को अच्छी तरह से मेरी पकड़ में लेकर उनकी चूत की बखिया उधेड़ने लगा। अब वर्षा भाभी ने मुझे बाहों में कस लिया और सीने से चिपका लिया। अब भाभी को भी खुद चूत में रंग लगवाने में मज़ा आ रहा था। मैं भी गांड़ उछाल उछाल कर वर्षा भाभी की चूत में रंग डाल रहा था। वर्षा भाभी भी अब बड़े मज़े से रंग डलवा रही थी।

अब मैंने वर्षा भाभी को छोड़ दिया और उनसे घोड़ी बनने के लिए कहा तो वो नखरे करने लगी। फिर मैंने उन्हें समझा बुझाकर बेड पर ही घोड़ी बना दिया। अब मैंने फिर से भाभी की चूत में लंड रखा और दे दना दन वर्षा भाभी को फिर से पेलने लग गया। मुझे वर्षा भाभी को घोड़ी बनाकर पेलने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। Holi Masti Chudai Story

भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई आह आह आह आई आईईईई।

मैं– आह आह ओह भाभी, बहुत अच्छा लग रहा है। आह आह आह।

भाभी– आज पहली बार कोई मुझे इस तरह से रंग लगा रहा है।

मैं– अब चिंता मर कीजिए। मै आपको अब हर होली पर ऐसे ही रंग लगाऊंगा।

भाभी– लगा देना सोनू।

मैं भाभी की गांड़ पकड़कर दे दना दन चुदाई कर रहा था। मेरा लन्ड भाभी की चूत की हालत खराब कर रहा था। तभी भाभी फिर से कांप उठी और भाभी की चूत ने झर झर झर झर झर गरमा गर्म लावा बेड पर बहा दिया। आज तो वर्षा भाभी की बुरी तरह से चुदाई हो रही थी। मैं बड़ी शिद्दत से वर्षा भाभी को चोद रहा था। मैं खुद को खुशनसीब समझ रहा था कि वर्षा भाभी मेरे लन्ड से चुद रही थी। Holi Masti Chudai Story

बहुत देर की चुदाई के बाद अब मेरा लन्ड भी शबाब पर पहुंच चुका था। तभी मैंने भाभी की चूत में ही लंड रोक दिया और पूरा का पूरा रस भाभी की चूत में ही भर दिया। अब मै पसीने पसीने होकर वर्षा भाभी की गांड से ही चिपक गया। अब वर्षा भाभी ऐसी की ऐसी ही बेड पर पड़ गई और मैं उनके ऊपर पड़ गया। हम दोनों थोड़ी देर तक ऐसे ही पड़े रहे।

भयंकर चुदाई से वर्षा भाभी की बुरी तरह से थक चुकी थी। लेकिन अभी तो पीछे से वर्षा भाभी पर रंग नहीं लगा हुआ था। तभी मै उठा और फिर से रंग घोलकर अब भाभी की पीठ और गांड़ को अच्छी तरह से रंग में पोत दिया। भाभी के शानदार गौरे चिकने चूतड़ अब हरे रंग में रंग चुके थे। Holi Masti Chudai Story

फिर टांगो को भी पीछे की तरफ से रंग में पोत दिया। अब वर्षा भाभी का अंग अंग रंग में रंग चुका था। अब तो वर्षा भाभी को पहचानना भी मुश्किल हो रहा था। वर्षा भाभी अभी भी बेड पर उलटी पड़ी हुई थी। अब मैंने पीछे से वर्षा भाभी पर रंग चढ़ना शुरू कर दिया। मुझे भाभी की गांड में किस करने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।

भाभी की शानदार गांड़ मुझे अलग ही मज़ा दे रही थी। भाभी अब फिर से धीरे धीरे सिसकारियां भरने लगी। तभी मैंने भाभी की गांड के छेद में उंगली घुसा दी। उंगली घुसते ही भाभी एकदम से चिहुंक उठी। भाभी की गांड का छेद ज्यादा टाइट तो नहीं था। मैं समझ चुका था कि भाभी की गांड़ में लंड कांड ज़रूर करता है। तभी मैंने एक साथ दो उंगलियां भाभी की गांड में पेल डाली तो भाभी ज़ोर से चीख पड़ी। Holi Masti Chudai Story

भाभी– आईईईई आईईईई प्लीज सोनू, उसमे तो कोई छेड़छाड़ मत कर।

मैं– भाभी अभी तो इसमें पिचकारी घुसी ही नहीं है।

भाभी– नहीं यार उसमे पिचकारी मत घुसाना। बहुत दर्द होगा। तेरी पिचकारी बहुत बड़ी है।

मैं– अब भाभी दर्द होगा तो हो जाएगा लेकिन पिचकारी तो घुसाऊंगा ही।

भाभी– अरे यार मान जा ना।

मैं– नहीं भाभी, आज तो बिल्कुल नहीं मानूंगा।

अब मैंने वर्षा भाभी से फिर से घोड़ी बनने के लिए कहा।

भाभी– नहीं अब मै घोड़ी नहीं बनूंगी।

मैं– बन जाओ भाभी ज्यादा नखरे मत करो। अगर आप घोड़ी नहीं बनोगी तो मै पिचकारी अंदर नहीं डाल पाऊंगा।

भाभी– मत डाल तू तो पिचकारी।

भाभी फिर से घोड़ी बनने के लिए बहुत ज्यादा नखरे कर रही थी। तभी मैंने उन्हें उठाकर घोड़ी बना दिया।

भाभी– अरे यार एक तो तू सुनता नहीं है।

मैं– बस भाभी थोड़ी सी देर की बात है।

भाभी की गौरी चिकनी गांड़ रंग बिरंगी हो चुकी थी। अब मैंने फटाफट मेरे लन्ड को काले रंग में रंगा लिया। अब मैंने मेरे लन्ड के सुपाड़े को भाभी की गांड के छेद पर रखा और भाभी की गांड को पकड़कर फट से भाभी की गांड में लंड पेल दिया। भाभी गांड़ में लंड लेते ही चिल्ला पड़ी। Holi Masti Chudai Story

भाभी– आईईईई आईईईई ओह आईईईई सिसिसिस् मर गई।

अभी मेरा पूरा लन्ड भाभी की गांड में नहीं घुसा था तभी मैंने लंड बाहर निकाल कर फिर से ज़ोरदार धक्के के साथ लंड वर्षा भाभी की गांड में पेल दिया। अबकी बार मेरा पूरा का पूरा लन्ड भाभी की गांड में घुस गया। भाभी फिर से ज़ोर से चिल्ला पड़ी। तभी बाहर से चाची बोल पड़ी– सोनू, पिचकारी थोड़ी धीरे धीरे डाल।

मैं– हां चाची धीरे ही डाल रहा हूं लेकिन भाभी का छेद ही बहुत ज्यादा छोटा है।

चाची– आराम से डाल यार।

अब यहां आराम से वर्षा भाभी की गांड में लंड डालने का टाइम कहां था। मैं तो अब दे दना दन वर्षा भाभी की गांड मारने लग गया। अब वर्षा भाभी भी कराहती हुई मेरे लन्ड को गांड़ में ठुकवा रहीं थीं। भाभी के मुंह से मादक सिसकारियां निकल रही थी। Holi Masti Chudai Story

भाभी– आईईईईई आईईईई आईईईई ओह आह आह आह आह आह आईईईई।

मैं– आह मज़ा आ गया भाभी, पिचकारी पूरी अंदर तक घुस रही है। आह आह आह। आज होली पर पहली बार मुझे इतना मज़ा आ रहा है।

भाभी– आईईईई आईईईई ओह, तुझे तो मज़ा आ रहा है और यहां मेरी गांड फट रही है। बस कर यार अब डाल ली ना तूने पिचकारी, अब तो बाहर निकाल ले।

मैं– भाभी अच्छे से रंग तो भरने दो। तभी तो पिचकारी को बाहर निकालूंगा।

भाभी– तेरी पिचकारी बहुत दर्द दे रही है मुझे।

मैं– बस थोड़ी देर और भाभी।

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अब मैं धकाधक वर्षा भाभी की गांड में मेरी पिचकारी लगातार अंदर बाहर अंदर बाहर करता जा रहा था। भाभी नीचे गर्दन करके गांड़ में पिचकारी घुसवाए जा रही थी। मुझे तो भाभी की गांड में पिचकारी डालने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। अब धीरे धीरे भाभी का जिस्म कांपने लगा और थोड़ी ही देर बाद भाभी की चूत में से गाढ़ा माल नीचे टपकने लगा। Holi Masti Chudai Story

मैं समझ चुका था कि वर्षा भाभी झड़ चुकी है। मेरा लन्ड अभी भी उफान पर था। मैंने थोड़ी देर और भाभी की गांड में ज़ोरदार धक्के लगाए। तभी मुझे याद आया कि अभी तो भूमिका भाभी को भी रंग लगाना है। तभी मैंने वर्षा भाभी को छोड़ा और भूमिका भाभी को रंग लगाने के लिए बेडरूम से बाहर आ गया।

मेरे तंतनाए हुए लंड को देखते ही भूमिका भाभी सब कुछ समझ गई। अब वो मुझसे बचने के लिए बाथरूम की ओर भागी। मैं भी उनके पीछे पीछे बाथरूम की ओर भागा। तभी भूमिका भाभी बाथरूम का गेट खोलकर बाथरूम में घुसने ही लगी थी कि मैंने उनको पकड़ लिया। Holi Masti Chudai Story

मैं– देखो भाभी, अगर आप चुपचाप गेट खोल दोगी तो मै आराम से रंग लगाऊंगा, अगर गेट नहीं खोला तो मुझे जबरदस्ती करनी पड़ेगी।

तभी मैंने ज़ोरदार धक्का देकर गेट को खोल दिया। अब भूमिका भाभी बाथरूम में से बचकर कहां जाती। अब भूमिका भाभी बाथरूम में छटपटाने लगी। तभी मैंने भूमिका भाभी को कसकर दबोच लिया। भूमिका भाभी पहले से ही रंग में रंगी हुई थी। वो अभी भी मुझसे छुटने की कोशिश कर रही थी। तभी मैंने चाची को बुलाया-

मैं– चाची ज़रा रंग लेकर आना।

कुछ ही देर में चाची रंग लेकर आ गई। अब चाची ने बाल्टी में अच्छे से रंग घोल लिया। अब मैंने काला कट्टा रंग हाथो में लिया और भूमिका भाभी के गौरे चिट्टे चेहरे को अच्छी तरह से काले रंग में रंग दिया। मैंने बुरी तरह से भाभी के चेहरे को काले रंग में रंग डाला था। अब तो भाभी को पहचानने में भी मुश्किल हो रही थी। Holi Masti Chudai Story

कुछ ही देर में काला रंग भाभी को जलन देने लगा। अब वो खुद को सम्हालने लगी। तभी मैंने भूमिका भाभी का साड़ी का पल्लू खींचकर नीचे गिरा दिया। अब भूमिका भाभी के बड़े बड़े बूब्स का खजाना मेरे सामने था। जो ब्लाउज में बंद था। अब मैंने झट से फिर से हाथो में रंग लिया और अबकी बार भूमिका भाभी के ब्लाऊज के अंदर हाथ डालकर भाभी के मस्त मस्त मुलायम बूब्स को रंग में रगड़ने लगा। Holi Masti Chudai Story

भूमिका भाभी अभी भी मुझे रोकने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उन्हें अच्छी तरह से मेरी पकड़ में जकड़ रखा था। मुझे भूमिका भाभी के बूब्स को रंगने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। आह इतने मस्त शानदार बूब्स भाभी के। कसम से यारो मै तो पागल सा हो रहा था।

थोड़ी देर तक भाभी के आमो को अच्छी तरह से रंगने के बाद मैंने भाभी के गौरे चिट्टे पेट को भी अच्छी तरह से काले रंग में रंगने लगा। । मुझे भाभी के माखन मिश्री जैसे पेट को रगड़ने और रंगने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। भाभी चुपचाप बाथरूम की दीवार से सटकर खड़ी हुई थी। Holi Masti Chudai Story

मैं आहिस्ता आहिस्ता भाभी के मुलायम पेट को रगड़ने का पूरा मज़ा ले रहा था। तभी मैंने भाभी की साड़ी को पेटीकोट में से निकालने लगा। अब भाभी मुझे रोकने लगी। लेकिन मै कैसे रुक जाता। मैने भाभी के हाथो को एक तरफ झटककर तुरंत साड़ी को पेटीकोट में से निकाल दिया।

अब भाभी ब्लाउज और पेटीकोट में ही मुझे चिपकी हुई थी। भाभी का मस्त गाजरया बदन अब मेरे लन्ड की आग को भड़का रहा था। अब मेरा लन्ड तनकर फिर से लोहे की रॉड बन चुका था। अब मैं भूमिका भाभी के पेटीकोट के नाड़े को खोलने लगा लेकिन तभी भूमिका भाभी ने खींचकर नाड़े को पकड़ लिया। Holi Masti Chudai Story

अब मेरा भाभी के नाड़े को खोलना मुश्किल हो रहा था। नाड़े पर भाभी ने कब्जा जमा लिया था। फिर भी मै भाभी के नाड़े को खोलने की कोशिश में लगा हुआ था। लेकिन भूमिका भाभी नाडा खोलने ही नहीं दे रही थी। तभी मैंने चालाकी करते हुए भाभी के पेटीकोट के अंदर हाथ डाल दिया।

मेरा हाथ तुरंत ही भाभी की पैंटी में से होता हुआ भाभी की चूत में जा घुसा। अब भाभी के लिए कंडीशन को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था। उनको समझ में नहीं आ रहा था कि पेटीकोट के नाड़े को खुलने से बचाए या चूत को सहलाने से बचाए। अब मैं भाभी की चूत को सहलाते हुए चूत को रंग में अच्छी तरह से रगड़ने लगा। मुझे भाभी की गरमा गर्म चूत को रंगने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। Holi Masti Chudai Story

भाभी कभी तो नाड़े को सम्हाल रही थी। तो कभी वो मेरे हाथ को चूत में से बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। दोनो चिजो को बचाने के चक्कर में भाभी की चूत पूरी तरह से मेरे कब्जे में आ चुकी थी। मैं भूमिका भाभी की चूत को अच्छी तरह से सहला रहा था। अब मैंने भाभी की चूत में मेरी उंगलियां अंदर पेल दी। उंगलियां चूत के अंदर घुसते ही भाभी फड़फड़ाने लगी। अब भाभी को मीठा मीठा सा दर्द होने लगा।

भाभी– आईईईई सोनू, प्लीज ऐसा मत कर।

मैने भाभी की बात का कोई जवाब नहीं दिया और भाभी की चूत को सहलाता रहा। थोड़ी सी देर में ही मैंने भाभी की चूत को गीली कर दिया था। तभी मैंने भूमिका भाभी की पीठ पर हाथ मारा और पीछे से भाभी के ब्लाऊज ब्रा की डोरिया खोल फेंकी। डोरिया खुलते ही भूमिका भाभी का ब्लाउज ब्रा सहित मेरे हाथ में आ गया। Holi Masti Chudai Story

अब मैंने बिना कोई देर किए झट से भाभी का ब्लाउज उनके जिस्म में से निकाल फेंका। ब्लाउज खुलते ही भाभी के बड़े बड़े मस्त नरम चूचे मेरे सामने नंगे हो गए। ऐसा लगा जैसे भाभी के चूचे कूदकर बाहर आए हो। भाभी के शानदार चूचे नंगे होने के बाद बहुत ज्यादा चमाचाम रहे थे।

भाभी के चूचों को देखकर मेरे लन्ड में २०० वाट का करंट सा लगा। अब भाभी ने शर्म के मारे पेटीकोट के नाड़े को छोड़ा और दोनो हाथो से चूचियों को ढक लिया। तभी मैंने भाभी के नाड़े को एक ही झटके में खींचकर खोल दिया। पेटीकोट का नाड़ा खुलते ही भाभी को ३०० वाट का करंट लगा और उन्होंने बूब्स को छोड़कर पेटीकोट को पकड़ लिया।

अब भाभी के चूचे पूरे तरह से फ्री थे। अब मैंने बाल्टी में से रंग किया और भाभी के चूचों को काले रंग में रंगना शुरू कर दिया। मुझे भाभी के मस्त बूब्स को रंगने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मैं भाभी के चूचों को आराम आराम से मसल रहा था। भाभी चुपचाप खड़ी खड़ी बूब्स को रंगवा रही थी। Holi Masti Chudai Story

मैं भी भाभी का पूरा फायदा उठाते हुए भाभी के बूब्स को अच्छी तरह से रंग रहा था थोड़ी ही देर में मैंने भाभी के चमचमाते चूचों को काला कर डाला। अब तो भाभी को ऊपर से पहचानना मुश्किल हो रहा था। भूमिका भाभी के चूचों को अच्छी तरह से रंगने के बाद मैंने भाभी को पलट दिया।

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अब भाभी की गौरी चिकनी पीठ मेरे सामने थी। अब मैं भाभी की चिकनी पीठ पर किस करने लगा। धीरे धीरे भाभी गरम होने लगी। मैंने भाभी को बाथरूम की दीवार से अच्छी तरह से सटाकर खड़ी कर रखी थी। मैं भी भाभी से बुरी तरह से चिपक गया था। मेरा लन्ड भाभी की गांड में घुसने के लिए भाभी की गांड का छेद ढूंढने लगा। Holi Masti Chudai Story

मुझे भाभी की पीठ पर किस करने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। भाभी बुरी तरह से गरम हो चुकी थी। तभी मैंने बाल्टी में से फिर रंग लिया और भाभी की पूरी गौरी चिकनी पीठ को काले रंग में रंग दिया। अब मैंने पीछे से भाभी के पेटीकोट को ऊपर उठा दिया और उनके मस्त शानदार चूतड़ों को मसलने लगा। आह क्या नरम, सुंदर चूतड़ थे भाभी के।

कसम से यारो मेरे तो मुंह में ही पानी आ गया था। फिर थोड़ी देर तक मैंने भाभी के चूतड़ों को अच्छी तरह मसला। फिर भाभी के चूतड़ों को भी काले घने रंग में रंग डाला। अब मेरा लन्ड भूमिका भाभी को चोदने के लिए बूरी तरह से तड़प रहा था। अब मैंने भूमिका भाभी को उठाया और उन्हें बेडरूम में ले जाने लगा। Holi Masti Chudai Story

अजब गजब नज़ारा था यारो। जिस भूमिका भाभी को कभी मैंने चोदने के बारे में नहीं सोचा था आज वो भूमिका भाभी अधनंगी होकर मेरी बाहों में लटकी हुई थी। भूमिका भाभी ने शरमा कर चेहरा नीचे कर रखा था और एक हाथ से पेटीकोट को पकड़ रखा था। मैं लंड को तनकर भूमिका भाभी को चोदने के लिए बेडरूम में ले जा रहा था। सामने ही चाची और वर्षा भाभी हमें देखकर हंस रही थी।

चाची– सोनू, मेरी सहेली को रंगने में कोई कसर मत छोड़ना।

मैं– आपकी सहेली को शिकायत का कोई मौका नहीं दूंगा चाची।

वर्षा भाभी– ये सोनू, जान निकाल देता है। ले ले बेटा मज़े, फिर ये मौका दोबारा नहीं मिलेगा।

मैं– हां भाभी, ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा।

चाची वो रंग की बाल्टी उठाकर यहां ले आओ।

चाची– हां अभी लाती हूं।

अब मैंने भूमिका भाभी को बेड पर पटक दिया। कुछ देर में ही चाची रंग की बाल्टी ले आई। अब मैंने तुरंत गेट बंद कर दिया। अब भूमिका भाभी समझ चुकी थी कि आज उनकी चूत में पिचकारी छुटने वाली थी। मेरा लन्ड तनकर बुरी तरह से तैयार था। भूमिका भाभी मेरे लन्ड को निहार रही थी। अब मैंने मेरे लन्ड को रंग में अच्छी तरह से रंग लिया। Holi Masti Chudai Story

अब मैं भाभी के ऊपर चढ गया और मेरे काले लंड को भूमिका भाभी के मुंह में डाल दिया। भूमिका भाभी को ज्यादा कुछ समझ में नहीं आ रहा था। तभी मैंने झटका देकर पूरे लंड को भाभी के मुंह में घुसा दिया। अब भाभी का पूरा मुंह मुझ पेक हो चुका था। अब उनका सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था।

अब मैं धीरे धीरे लंड को भाभी के मुंह में अन्दर बाहर करने लगा। मुझे भाभी के मुंह को चोदने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मेरा पूरा लन्ड भाभी के थूक से गीला हो चुका था। मैं गापाघप भाभी के मुंह को चोदने में लगा हुआ था। कुछ देर में ही भाभी हांपने लगी। फिर मैंने भाभी के मुंह को अच्छी तरह से चोदकर छोड़ दिया। Holi Masti Chudai Story

अब जाकर भाभी की सांस में सांस आई। भाभी को भी शायद इस बात की उम्मीद नहीं होगी कि लंड का हमला चूत में होने के बजाए सबसे पहले मुंह में होगा। अब मैं नीचे आया और भूमिका भाभी के मस्त शानदार चूचों को मसलने लगा। मुझे भाभी के चूचों को मसलने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। भाभी को धीरे धीरे मेरे हाथो की कसावट चुभने लगी।

भाभी– आईईईई ऊंह आह ओह ऊंह आईईईई ऊंह आह।

मैं लगातार भाभी के बूब्स को मसलता हुआ जा रहा था। भाभी अब दर्द से तड़पती हुई धीरे धीरे सिसकारियां भरने लगी।

भाभी– ऊंह आह आह आईईईई ऊंह आह आह ओह ओह।

थोड़ी सी देर में ही मैंने भाभी के चूचों को अच्छी तरह से मसल डाला। अब मैंने कोई और देर नहीं करते हुए फटाफट भाभी के चूचों को मुंह में भर लिया। अब मैं भूखे शेर की तरह भाभी के चूचों पर टूटते हुए उन्हें बुरी तरह से चूसने लगा। मुझे भाभी के रंगे हुए चूचों को चूसने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। Holi Masti Chudai Story

मैं भाभी के चूचे को पूरा मुंह में दबाने की कोशिश कर रहा था लेकिन भाभी की चूची बड़ी होने के कारण पूरी मेरे मुंह में नहीं आ पा रही थी। तभी मैंने भाभी के चूचों को काट लिया। चूचे को काटते ही भाभी के मुंह से मादक सिसकारी फुट पड़ी।

भाभी– आईईईई, प्लीज आराम से चूसो।

लेकिन मैंने भाभी की कोई बात नहीं सुनी और धमाधम भाभी के चूचों को चूसता रहा। थोड़ी ही देर में मैंने भूमिका भाभी के चूचों को अच्छी तरह से चूस डाला। अब तक मै भाभी के चूचों को बुरी तरह से निचोड़ चुका था। अब बारी भाभी की चूत की थी।

अब मैं सीधा भाभी की चूत पर आ गया। भाभी ने फिर से पेटीकोट के नाड़े को पकड़ लिया। फिर मैंने ज़ोरदार झटका देकर भाभी के हाथो में से नाडा छुड़ाकर तुरंत ही भाभी का पेटीकोट खोल फेंका। अब रही सही कसर मैंने भाभी की पैंटी खोलकर पूरी कर दी। अब भूमिका भाभी मेरे सामने पूरी नंगी हो चुकी थी। ये मेरे लिए अदभुत पल था। Holi Masti Chudai Story

अब भूमिका भाभी गेट लगाने की कोशिश करने लगी और मैं गेट को खोलने की कोशिश करने लगा। अब हम दोनों के बीच में गेट दीवार बनकर खड़ा था। भूमिका भाभी गेट बंद करने के लिए पूरा एडी चोटी का जोर लगा रही थी। इधर मै भी गेट खोलने की पूरी पूरी कोशिश कर रहा था। Holi Masti Chudai Story

भाभी– नहीं, मै गेट नहीं खोलूंगी।

मैं– भाभी गेट खोल दो।

भाभी– बिल्कुल नहीं।

अब मैं समझ चुका था कि यहां आराम से दाल नहीं गलने वाली। अब मैंने बाल्टी में से रंग लिया और उनकी टांगो, जांघो और चूत को अच्छी तरह से रंग में रंग दिया। अब मैंने तुरंत ही भाभी की टांगों को पकड़कर फैला दिया। अब भाभी की चूत मेरे सामने फैल चुकी थी।

अब मैंने फटाफट भाभी की चूत में उंगलियां घुसा दी। उंगलियां चूत में घुसते ही भाभी की जान हलक में आ गई। भाभी दर्द से झटपटाने लगी। अब मैं दे दना दन भूमिका भाभी की चूत में उंगलियों से हमला करने लगा। भाभी दर्द से बुरी तरह से तड़पने लगी। Holi Masti Chudai Story

भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई ओह आह आह आह आईईईई।

मैं– आह बहुत मज़ा आ रहा है भाभी। आह आह आह आह।

मेरी उंगलियां चूत के अंदर तक भाभी की चूत की गहराई नाप रही रही थी। भाभी की चूत अंदर से बहुत ज्यादा गरम हो रही थी।

भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई प्लीज ऐसा मत करो ना। मै मर जाऊंगी।

मैं– आह कुछ नहीं होगा भाभी, बस थोड़ी देर मज़े लेने दो। आपकी ये होली हमेशा यादगार रहेगी।

भाभी– नहीं, प्लीज मत करो ना। आईईईईई बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है।

मैं– कोई बात नही भाभी, थोड़ी देर दर्द सहन कर लो।

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भाभी दर्द से तड़प रही थी और मैं भाभी की चूत के परखच्चे उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था। अब तक भाभी के चेहरे की हवाइयां उड़ चुकी थी। इन्हे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। फिर मैंने थोड़ी देर तक उंगलियों से भाभी की चूत चोदने के बाद भाभी की टांगों को पकड़ लिया। अब मैंने तुरंत मेरा मुंह भाभी की गरमा गर्म चूत पर रखा और आराम आराम से भाभी की चूत चाटने लगा। Holi Masti Chudai Story

भाभी की चूत तो पहले से ही बहुत ज्यादा गीली थी। अब चूत और भी ज्यादा गीली होने लगी। मैं भाभी की गुलाबी चूत को बड़ी मस्ती से चाट और चूस रहा था। अब भाभी भी धीरे धीरे भावनाओ में बहने लगी और मेरे सिर को चूत पर दबाने लगी। अब तो भाभी भी समझ चुकी थी कि अब ज्यादा नखरे दिखाने में कोई फायदा नहीं। अब भाभी मादक सिसकारियां भरते हुए चूत चटवा रही थी।

भाभी– आह आह ऊंह आह ओह आह ऊंह ओह सोनू, आह आह ऊंह।

थोड़ी देर बाद भाभी ने टांगो के घेरे में मुझे फंसा लिया।

भाभी– ओह सोनू, ऊंह आह ओह ओह ऊंह आह।

मैं लपालप भाभी की चूत चाट रहा था। फिर कुछ ही देर में मैंने भाभी की चूत को अच्छी तरह से चाट डाला। अब मेरे लन्ड की बारी आ चुकी थी। अब मैंने जल्दी से भाभी की टांगों को फिर से फैलाया और तुरंत ही मेरे लन्ड का सुपाड़ा भाभी की चूत के छेद पर रख दिया। अब मैंने ज़ोरदार धक्का लगाते हुए लंड भाभी की चूत में पेल दिया। भाभी एकदम से चीख पड़ी लेकिन मेरा लन्ड पूरा का पूरा भाभी की चूत में समा गया। Holi Masti Chudai Story

भाभी– आईईईई आईईईई मर गई। आईईईई।

तभी मैंने लंड बाहर निकाल कर फिर से दूसरा शॉट लगा दिया। भाभी फिर से दर्द से तड़प उठी। अब मैं धीरे धीरे स्पीड बढ़ाते हुए भाभी को अच्छी तरह से चोदने लगा। अब मेरी बड़ी पिचकारी भाभी के हॉल में अच्छी तरह से रंग लगा रही थी।

मुझे भाभी की चूत में रंग भरने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। भाभी लगातार दर्द से तड़प रही थी। वो मेरे लन्ड के कहर के आगे बेबस नजर आ रही थी। मेरा लन्ड भूमिका भाभी की चूत को बुरी तरह से लपेट चुका था। मैं उछल उछल कर भाभी को चोद रहा था। Holi Masti Chudai Story

भाभी– आएईईईई आईईईई आईईईई आईईईई आह आह आह आह आह आह बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है यार। आह आह आह आह।

मैं– आह आह बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है भाभी, बस थोड़ी देर ही दर्द होगा।

भाभी– नहीं, प्लीज तेरी पिचकारी को बाहर निकाल ले।

मैं– भाभी अब पिचकारी तो बाहर नहीं निकलेगी।

भाभी– मै मर जाऊंगी।

मैं– कुछ नहीं होगा भाभी।

थोड़ी सी देर में ही मेरा लन्ड भाभी की हालत खराब कर चुका था। भाभी मेरे लन्ड के कहर के आगे बुरी तरह से पस्त हो चुकी थी। मेरे लन्ड के हर एक शॉट के साथ भाभी के बड़े बड़े बूब्स बुरी तरह से हिल रहे थे। थोड़ी देर की भयंकर चुदाई के बाद भाभी ज्यादा देर तक मेरे लन्ड को झेल नहीं पाई और भाभी ने गरमा गर्म पानी में मेरे लन्ड को भिगो दिया। अब जाकर भाभी का दर्द काम हुआ। Holi Masti Chudai Story

अब मेरे लन्ड के हर एक शॉट के साथ पूरे कमरे में पछ पच्छ पच पछ पच्च पछ की आवाजे गूंजने लगी। अब भाभी चुप होकर आराम से चूत में मेरा लन्ड लेने लगी। अब उनकी चूत में मेरे लन्ड के लिए पूरी जगह बन चुकी थी। मैं गांड़ हिला हिलाकर भूमिका भाभी को बुरी तरह से पेल रहा था।

भूमिका भाभी मुझसे चुद्वाकर बुरी तरह से थक चुकी थी। उनका जिस्म पसीने में बुरी तरह से लथपथ हो चुका था। झमाझम चुदाई के कारण बेड भी चू चू चू कर रहा था। अब मेरा लन्ड चुदाई के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका था। तभी मैंने भाभी को मेरी बाहों में ज़ोर से कस लिया और मेरे लन्ड का गरमा गरम पानी भाभी की चूत में भर दिया। Holi Masti Chudai Story

अब मैं कुछ देर तक भाभी के जिस्म पर ऐसे ही पड़ा रहा। आज मै भूमिका भाभी को चोदकर बहुत ज्यादा खुश हो रहा था। कुछ देर बाद मै उठा और फिर से भूमिका भाभी की चूत को चाटने लगा। भाभी की चूत में से अभी भी रस बह रहा था। मैं धीरे धीरे भाभी की रसीली चूत को चाट रहा था।

थोड़ी देर में भाभी भी फिर से गरम होने लगी। अब कुछ देर तक चूत चाटने के बाद मैंने भाभी की चूचियों को फिर से दबाया और अच्छी तरह से चूस डाला। इससे मेरा लन्ड फिर से बैटिंग करने के लिए तैयार होने लगा। अब मैंने फिर से भाभी की चूत में लंड रखा और उन्हें फिर से अच्छी तरह से बजाने लगा। Holi Masti Chudai Story

अबकी बार भूमिका भाभी मेरे लन्ड के हर एक शॉट का अच्छी तरह से जवाब दे रही थी। अब वो शर्म को ताक पर रखकर चुदाई करवा रही थी। मेरे लन्ड का थोड़ी देर में ही फिर से भाभी की चीखे निकाल दी। अब भाभी की गांड मारने की बारी थी। अब मैंने भूमिका भाभी को बेड पर कुत्तिया बना दिया।

भाभी की गांड बहुत ज्यादा सुढ़ोल थी। उनके गौरे चिकने चूतड़ बहुत ज्यादा उठे हुए थे। पहले तो मैंने भाभी के चूतड़ों को अच्छी तरह से मसला। फिर मैंने उनके चूतड़ों को भी रंग में रंग डाला। अब मैंने भाभी की गांड में सुराख में उंगली डाली तो मेरी उंगली आसानी से भाभी की गांड में घुस गई। Holi Masti Chudai Story

अब मैं समझ चुका था कि भाभी की गांड में ही लंड ने माल उड़ेल रखा है। बस फिर क्या था। मैंने एक बार और मेरे लन्ड को रंग में रंगा और फिर फटाफट भूमिका भाभी की गांड के छेद में लंड टिका दिया। अब मैंने भाभी की गांड को अच्छी तरह से पकड़ा और ज़ोरदार धक्का देकर भाभी की गांड में लंड पेल दिया।

मेरा लन्ड भाभी की गांड के परखच्चे उड़ाता हुआ काफी अंदर तक गांड़ में घुस गया। भाभी दर्द से बुरी तरह बिलखने लगी। मेरा लन्ड से की गांड़ में फंस चुका था। तभी बाहर से चाची और वर्षा भाभी की आवाज़ आई– क्या के सोनू? इतना शोर क्यो हो रहा है? Holi Masti Chudai Story

मैं– कुछ नहीं बस छेद थोड़ा सा छोटा पड़ गया है।

चाची– हम आए क्या हेल्प करने के लिए?

मैं– नहीं चाची मै एडजस्ट कर दूंगा। आप चिंता मत करो।

तभी मैंने भाभी की गांड में से लंड बाहर निकाला और फिर अगला शॉट मारकर पूरा का पूरा लंड भाभी की गांड में जा घुसाया। भाभी फिर से बुरी तरह से दर्द से कराह उठी।

भाभी– आईईईई आईईईई मर गई आईईईई आईईईई आईईईई सोनू।

मैं– बस थोड़ी देर दर्द होगा भाभी।

भाभी– बहुत दर्द हो रहा है सोनू।

अब मैं धीरे धीरे भाभी की गांड मारते हुए लंड को भाभी की गांड में पेलने लगा। जिससे भाभी को दर्द कम से कम होने लगा। अब तक मेरा लन्ड भाभी की गांड में अन्दर तक जगह बना चुका था। फिर मैं धीरे धीरे स्पीड बढ़ाते हुए भाभी की अच्छी तरह से गांड़ मारने लगा। मुझे भाभी की गांड मारने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। Holi Masti Chudai Story

भूमिका भाभी फिर से दर्द के मारे चिल्लाने लगी। अबकी बार मैंने उनकी चिखो की ओर कोई ध्यान नहीं दिया और मस्त होकर भाभी की गांड मारता रहा। कुछ देर बाद भाभी का दर्द कम हो गया और उन्हें अब गांड़ मरवाने में मज़ा आने लगा। अब भूमिका भाभी आराम से गांड़ मरवा रही थी। मैं सटासट भाभी की गांड ठुकाई कर रहा था। भूमिका भाभी की गांड मारना मेरे लिए बड़े सौभाग्य की बात थी।

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कुछ देर बाद भूमिका भाभी कांपने लगी और उनकी चूत ने माल गिरा दिया। मेरे लन्ड का कहर अभी भी जारी था। मैं दे दना दन भूमिका भाभी की गांड मार रहा था। अब तक मै भूमिका भाभी की अच्छी तरह से गांड़ मार चुका था। भूमिका भाभी गांड़ मरवाकर बुरी तरह से थक चुकी थी। अब मैं भी लास्ट गियर पर पहुंच चुका था। फिर मैंने फुल स्पीड में ठुकाई करते हुए सारा माल भाभी की गांड में गिरा दिया। Holi Masti Chudai Story

अब हम दोनों पसीने से लथपथ होकर बेड पर ही पड़े रहे। फिर कुछ देर बाद होश में आए। भूमिका भाभी आज बुरी तरह से चुद चुकी थी। ऊपर से मैंने उन्हें अच्छी तरह से काले रंग में रंग दिया था जिससे उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो रहा था। अब मैं उठा और बाथरूम में जाकर भूमिका भाभी के कपड़े उठाकर लाया। अब मैंने भूमिका भाभी को पैंटी, पेटीकोट, ब्रा और ब्लाउज पहनाया। फिर साड़ी खुद भाभी ने ही पहन ली। अब मैंने मेरे कपड़े पहन लिए। Holi Masti Chudai Story

भूमिका भाभी– बहुत अच्छी तरह से रंग लगाता है तू।

मैं– हां भाभी, मुझे तो इसी तरह से रंग लगाना पसंद है।

भाभी– सब कुछ मजेदार था लेकिन तेरी पिचकारी ने मेरी हालत खराब कर दी।

मैं– कोई बात नहीं भाभी हालत तो ठीक हो जाएगी। पिचकारी जब बड़ी होती है तभी तो रंग लगाने में ज्यादा मज़ा आता है।

भाभी– हां ये बात भी सही है।

अब हम दोनों बेडरूम से बाहर आ गए। आज बेडरूम पूरा रंग बिरंगा हो चुका था। बाहर आते ही चाची ने पूछा– और बता सोनू, मेरी सहेली को अच्छी तरह से रंग तो लगाया है ना? Holi Masti Chudai Story

मैं– आप आपकी सहेली से खुद ही पूछ लो।

चाची– बताओ भूमिका सोनू ने तुझे होली का पूरा मज़ा तो दिया है ना?

भूमिका भाभी– बहुत मज़ा दिया है इसने, ये पक्का खिलाड़ी निकला यार।

वर्षा भाभी– वाकई में इसकी पिचकारी कमाल की है। मुझे भी मज़ा आ गया आज तो।

चाची– चलो फिर तो बहुत अच्छा हुआ।

मैं– अगली बार सर्विस का मौका फिर देना।

भूमिका और वर्षा– ज़रूर देंगे मौका। टाइम मिलने दो।

मैं– अगली बार बहुत अच्छे से सर्विस करूंगा।

भूमिका और वर्षा– हमें भी मौका मिलने का इंतजार रहेगा।

अब हम चारों ने चाय नाश्ता किया। अब भूमिका और वर्षा भाभी अगली बार का वादा करके चली गई। Holi Masti Chudai Story

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