Doctor ka mota lund chut me sex story डॉक्टर ने चूत चोदकर आराम दिया

Doctor ka mota lund chut me sex story डॉक्टर ने चूत चोदकर आराम दिया

Doctor ka mota lund chut me sex story डॉक्टर ने चूत चोदकर आराम दिया

(Doctor ka mota lund chut me sex story)

Hospital sex story, Doctor fucked patient sex story, First time in hospital sex story: नमस्कार दोस्तों, मैं थोर आपके लिए एक नयी सेक्स कहानी लेके आया हूं। उम्मीद है मेरी बाकी कहानियों की तरह इस कहानी को भी आपका प्यार मिलेगा। ये कहानी बंगलोर की आरती ने मुझे भेजी है। तो चलिए कहानी शुरू करते हैं आरती की जुबानी। यह स्टोरी आप पढ़ रहे हैं sexstoryqueen.com पर | Doctor ka mota lund chut me sex story

दोस्तों मेरा नाम आरती है, और मैं 24 साल की एक सेक्सी लड़की हूं। मेरा रंग गोरा है, और फिगर 34-30-34 है। मैं एक प्राइवेट कंपनी में आसान फ्रीलांसर जॉब करती हूं। आज मैं आपको अपनी पहली चुदाई की कहानी बताने जा रही हूं, जो 3 साल पहले हुई। चलिए बताती हूं, सब कैसे हुआ।

19 साल की उम्र में मुझे किसी फ्रेंड ने पॉर्न वीडियो और सेक्स स्टोरी के बारे में बताया। उसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। मैं रोज रात को अकेले कमरे में लेटकर उन वीडियो को देखती और अपनी उंगलियों से चूत को सहलाती। पहले तो बस हल्के-हल्के छूना होता था, लेकिन धीरे-धीरे मैंने क्लिटोरिस को रगड़ना, उंगली अंदर डालना और तेजी से अंदर-बाहर करना सीख लिया। मेरी चूत की प्यास दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही थी। हर बार ऑर्गेज्म आने पर मैं तकिए में मुंह दबाकर सिसकारियां दबाती, लेकिन मन नहीं भरता था। मुझे असली लंड की तलब लग चुकी थी। Doctor ka mota lund chut me sex story

ऐसे ही समय बीतता गया, और मैं 21 साल की हो गई। अब तक मैं एक बॉयफ्रेंड भी बना चुकी थी। हम दोनों कई बार मिलते, किस करते, एक-दूसरे को सहलाते, लेकिन वो कभी आगे नहीं बढ़ता। मैं उसके हाथ को अपनी चूत की तरफ ले जाती, लेकिन वो बस बाहर से रगड़ता और रुक जाता। मुझे चुदाई के बारे में पूछने की हिम्मत नहीं होती थी, और उस लड़के में भी कभी इतनी हिम्मत नहीं आई कि वो मुझे चोदने की कोशिश करता। मैं खुद तो बिल्कुल नहीं बोल सकती थी कि आके मुझे चोदो। इस वजह से मेरी चाहत और बढ़ती जा रही थी। Doctor ka mota lund chut me sex story

फिर एक दिन मैं स्कूटी पर कुछ सामान लेकर घर आ रही थी। शाम का समय था, रोड पर थोड़ी भीड़ थी। अचानक एक लड़के ने अपनी बाइक से मेरी स्कूटी के आगे से बहुत तेज कट मारा। मैं बैलेंस बनाने की कोशिश करती रही, लेकिन स्कूटी का हैंडल घूम गया और मैं तेजी से गिर पड़ी। मेरी दाहिनी टांग नीचे आ गई और घुटने से लेकर टखने तक तेज दर्द हुआ। मैं जमीन पर बैठ गई और पैर को पकड़कर दर्द से कराहने लगी। अब मुझसे उठा नहीं जा रहा था।

आस-पास के कुछ लोग दौड़कर आए। दो-तीन आदमियों ने मुझे सहारा देकर उठाया और पास वाली एक छोटी दुकान पर बिठा दिया। मैं दर्द से रो रही थी। मैंने तुरंत पापा को फोन किया। उन्होंने कहा कि वे तुरंत आ रहे हैं। थोड़ी देर बाद पापा कार लेकर पहुंचे। उन्होंने मुझे कार में बिठाया और नजदीकी हॉस्पिटल ले गए। Doctor ka mota lund chut me sex story

डॉक्टर ने एक्स-रे करवाया और बताया कि मेरे टखने में फ्रैक्चर है। उन्होंने प्लास्टर चढ़ाया और कहा कि मुझे कम से कम 2 दिन हॉस्पिटल में ही रेस्ट करना होगा। मुझे एक प्राइवेट रूम में शिफ्ट कर दिया गया।

अब मैं हॉस्पिटल में थी, और घर वाले आते-जाते रहते थे। पहली रात तो मुझे काफी दिक्कत हुई थी। शरीर में दर्द था, नींद नहीं आ रही थी, और हर थोड़ी देर में नर्स आकर चेक करती रहती थी। लेकिन अगले दिन सुबह होते-होते दवाइयों का असर दिखने लगा। इंजेक्शन की वजह से दर्द कम हो गया था, और मैं धीरे-धीरे वहां कंफर्टेबल महसूस करने लगी थी। Doctor ka mota lund chut me sex story

दूसरी रात आई। अब मैं बोर हो रही थी। दिन भर आराम करने के बाद रात को नींद नहीं आ रही थी। मैंने बिस्तर पर लेटे-लेटे मोबाइल निकाला और कोई मूवी लगा ली। शुरू में तो हल्की-फुल्की कॉमेडी लग रही थी, लेकिन धीरे-धीरे उसमें कुछ सेक्स सीन आने लगे। स्क्रीन पर दो लोगों के करीब आने की वो तीव्रता, उनके स्पर्श, उनकी सांसें… सब कुछ देखकर मेरे शरीर में एक अजीब सी गर्मी फैलने लगी। मेरी सांसें तेज हो गईं, और नीचे की तरफ एक हल्की सी नमी महसूस होने लगी।

मेरे रूम में मैं अकेली ही थी। अभी कुछ देर पहले नर्स चेक करके चली गई थी, और अगले राउंड में आने में अभी समय था। मैंने सोचा, क्यों न थोड़ा एंजॉय कर लिया जाए। मैंने धीरे से चादर अपनी कमर तक खींच ली, ताकि बाहर से कुछ दिखाई न दे। फिर मैंने अपने पजामे की नाड़ी थोड़ी ढीली की और हाथ अंदर डाल दिया। पैंटी के ऊपर से ही पहले हल्के से सहलाया। उंगलियां कपड़े के ऊपर से ही चूत की उभार पर फिरने लगीं। थोड़ी देर बाद मैंने पैंटी को साइड में सरकाया और सीधे अपनी गीली चूत पर उंगलियां रख दीं। Doctor ka mota lund chut me sex story

पहले तो मैंने सिर्फ बाहर की नरम त्वचा को छुआ। उंगलियों से हल्के-हल्के सहलाने लगी। फिर धीरे-धीरे क्लिटोरिस की तरफ बढ़ी। जैसे ही मैंने उस छोटे से दाने को छुआ, एक电流-सा मेरे पूरे शरीर में दौड़ गया। मैंने उसे दो उंगलियों के बीच में पकड़ा और धीरे-धीरे मसलने लगी। हर मसलने के साथ मेरी सांसें और तेज होती गईं। अब मैं पूरी तरह से उस एहसास में डूब रही थी।

मैंने एक उंगली को थोड़ा अंदर डालने की कोशिश की। गीलापन इतना था कि उंगली आसानी से अंदर चली गई। मैंने उसे अंदर-बाहर करना शुरू किया। धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाई। दूसरी उंगली से क्लिट को रगड़ती रही। मेरी कमर खुद-ब-खुद ऊपर उठने लगी थी। आंखें बंद हो गईं। मैं अपनी ही वासना की दुनिया में पूरी तरह खो गई थी। सांसें तेज थीं, होंठ कांप रहे थे, और पूरा ध्यान सिर्फ उसी जगह पर केंद्रित था जहां से मजा आ रहा था। Doctor ka mota lund chut me sex story

मुझे पता ही नहीं चला कि कब दरवाजा खुला और मेरे डॉक्टर मेरे रूम में आकर मेरे बिस्तर के पास खड़े हो गए। वो करीब 40 साल के थे, सेहतमंद शरीर वाला, स्मार्ट लुक वाला आदमी। वो कुछ पल तक चुपचाप मुझे देखता रहा। मेरी उंगलियां अभी भी अंदर-बाहर हो रही थीं, और मैं आंखें बंद करके उस आनंद में डूबी हुई थी।

फिर उसने धीरे से अपना हाथ आगे बढ़ाया और मेरे उस हाथ पर रख दिया जिससे मैं खुद को सहला रही थी। उसके गर्म हाथ का स्पर्श जैसे बिजली की तरह लगा। मैं चौंककर आंखें खोल बैठी। सामने डॉक्टर खड़ा था। वो मुझे देखकर हल्के से मुस्कुरा रहा था।

अब मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। मेरा दिमाग पूरी तरह सुन्न हो गया था। मुझे नहीं पता था कि डॉक्टर कब से वहां खड़े हैं और कितना कुछ उन्होंने देख लिया है। मेरे चेहरे पर हैरानी और शर्मिंदगी का मिश्रण था। मैं बस चुपचाप उसकी तरफ देख रही थी, आंखें फैली हुईं, होंठ कांप रहे थे। और वो मुझे देखकर लगातार हल्के-हल्के मुस्कुरा रहा था, जैसे ये सब उसके लिए कोई आम बात हो। Doctor ka mota lund chut me sex story

फिर उसने धीरे से, लेकिन स्पष्ट आवाज में कहा, डॉक्टर: मैं तुम्हारी कुछ मदद कर दूं?

ये बोलते ही उसने बिना रुके अपना हाथ आगे बढ़ाया। मेरी पैंटी अभी भी थोड़ी साइड में सरकी हुई थी। उसने उसी हाथ को और अंदर डाला और सीधे मेरी चूत पर रख दिया। उसकी हथेली गर्म थी, और उंगलियां मेरी नरम, गीली त्वचा पर फिसलने लगीं। आज पहली बार किसी मर्द का हाथ वहां लगा था। जैसे ही उसकी उंगलियां मेरी चूत की सिलवटों पर रेंगने लगीं, मेरे पूरे शरीर में एक तेज करंट-सा दौड़ गया। मेरी सांस रुक-सी गई, और नीचे से एक गहरा कंपन उठने लगा।

मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं उसे रोक ही नहीं पाई। मेरी आंखें बंद होने लगीं, और मैं बस उस एहसास में डूबती चली गई। ये देखकर डॉक्टर ने और हौसला लिया। उसने धीरे-धीरे मेरे पजामे की नाड़ी पूरी तरह खोल दी और पजामा नीचे सरका दिया। फिर उसी तरह पैंटी को भी दोनों तरफ से पकड़कर धीरे-धीरे घुटनों तक खींच लिया। अब मेरी पूरी नंगी चूत उसके सामने थी। हल्की रोशनी में मेरी गीली चमक साफ दिख रही थी, और क्लिटोरिस थोड़ा उभरा हुआ था। Doctor ka mota lund chut me sex story

वो कुछ पल तक बस उसे देखता रहा, फिर बिना कुछ कहे अपना सिर नीचे किया। उसने अपना मुंह मेरी चूत पर लगा दिया। सबसे पहले उसने होंठों से हल्के से चूम लिया, फिर जीभ निकालकर बाहर की सिलवटों पर धीरे-धीरे फिराने लगा। जैसे ही उसकी गर्म, नम जीभ मेरी चूत पर पड़ी, मैं पूरी तरह तड़प उठी। मेरे दोनों हाथ बिस्तर की चादर को कसकर पकड़ लिए, और पूरे बदन में एक मीठी कंपकंपी दौड़ गई।

डॉक्टर ने जीभ को और तेज किया। वो ऊपर से नीचे तक, फिर साइड से साइड चाट रहा था। कभी-कभी वो क्लिटोरिस को जीभ की नोक से हल्के से ठकठकाता, तो कभी उसे होंठों के बीच लेकर चूसता। मैं पागल हो रही थी। मेरे मुंह से अनियंत्रित सिसकारियां निकलने लगीं – “आह… उफ्फ… ओह…” – आवाजें दबाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन रोक नहीं पा रही थी। Doctor ka mota lund chut me sex story

फिर उसने दोनों हाथों से मेरी जांघें थोड़ा और फैलाईं और चूत की दोनों सिलवटों को उंगलियों से हल्के से अलग किया। अब मेरी चूत पूरी तरह खुल गई थी। उसने जीभ को सीधे अंदर डाल दिया। जीभ अंदर-बाहर होने लगी, जैसे कोई छोटा-सा लिंग हो। मैं और मदहोश हो गई। मेरी कमर खुद-ब-खुद ऊपर उठ रही थी। मैंने अपने हाथ उसके सिर पर रख दिए और उसके मुंह को अपनी चूत पर और जोर से दबाने लगी। उसकी नाक मेरी क्लिट पर रगड़ खा रही थी, और जीभ अंदर गहराई तक जा रही थी।

मजा इतना बढ़ गया था कि मेरी सांसें तेज से तेज होती गईं। पूरा शरीर तन गया। मैंने अपनी जांघें उसके सिर के चारों ओर कस लीं। और फिर अचानक एक तेज लहर उठी। मेरी चूत सिकुड़ने लगी, और मैं चरमसुख पर पहुंच गई। मेरी चूत से गरम पानी की धार निकली और सीधे उसके मुंह में चली गई। डॉक्टर ने एक बूंद भी नहीं छोड़ी – उसने सब कुछ पी लिया। उसकी जीभ अभी भी हल्के-हल्के मेरी संवेदनशील चूत पर फिर रही थी, जैसे आखिरी बूंदें साफ कर रहा हो। Doctor ka mota lund chut me sex story

अब मैं तेजी से सांसें ले रही थी। सीना ऊपर-नीचे हो रहा था। पूरा शरीर पसीने से भीगा हुआ था, और मैं बस लेटी हुई थी, आंखें बंद, अभी भी उस मीठे थकान में डूबी हुई।

फिर डॉक्टर ने अपनी पैंट की जिप खोली और धीरे से उसे नीचे सरका दिया। उसके बाद अंडरवियर को भी नीचे किया। उसका मोटा, सख्त लंड बाहर आया – लंबा, मोटी नसों वाला, सिरा चमकदार और थोड़ा लाल। उसे देखते ही मेरी आंखें चमक उठीं। पहले से ही मेरी चूत में चुदाई की तलब लगी हुई थी, और अब ये देखकर वो तलब और तेज हो गई। मैंने बिना सोचे अपना हाथ आगे बढ़ाया, उसका गरम, सख्त लंड हाथ में लिया और धीरे-धीरे हिलाने लगी। मेरी उंगलियां उसके चारों ओर लिपट गईं, ऊपर-नीचे सरकने लगीं। वो सांसें तेज ले रहा था, और उसका लंड मेरे हाथ में और सख्त होता जा रहा था। Doctor ka mota lund chut me sex story

फिर डॉक्टर मेरे सिर के पास आया। उसने अपना लंड मेरे होंठों के करीब लाकर रख दिया। मैंने मुंह खोला और उसका सिरा अपने होंठों में ले लिया। पहले तो मैंने सिर्फ चूमा, फिर जीभ से चाटा। धीरे-धीरे मैंने उसे मुंह में अंदर लिया। उसका स्वाद नमकीन-सा था, लेकिन मुझे अच्छा लग रहा था। मैंने उसे गहराई तक लिया, जीभ से चारों ओर घुमाया, और चूसने लगी। साथ ही मेरे हाथ उसकी जांघों पर फिर रहे थे।

डॉक्टर ने भी अपना हाथ नीचे किया और मेरी चूत को फिर से रगड़ना शुरू कर दिया। उसकी उंगलियां मेरी क्लिट पर रगड़ रही थीं, कभी अंदर डालकर बाहर निकाल रही थीं। मैं किसी रंडी की तरह उसका लंड जोर-जोर से चूस रही थी। वो अपनी कमर आगे-पीछे करके मेरे मुंह में धक्के देने लगा। उसका लंड मेरे गले तक जा रहा था, और मैं दम घुटने की हालत में भी मजा ले रही थी। मेरे मुंह से लार टपक रही थी, और आवाजें निकल रही थीं – चुप-चुप, स्लर्प-स्लर्प। Doctor ka mota lund chut me sex story

अब मैं दोबारा पूरी तरह गरम हो चुकी थी। मेरी चूत फिर से गीली हो गई थी, और वो गीलापन मेरी जांघों तक पहुंच रहा था। तभी डॉक्टर मेरे ऊपर चढ़ आया। उसने मेरी दोनों टांगें फैलाईं, घुटनों से पकड़कर थोड़ा ऊपर उठाया। फिर अपना लंड मेरी चूत पर रखकर रगड़ने लगा। उसका गरम सिरा मेरी सिलवटों पर फिसल रहा था, क्लिट को छू रहा था। मैं जानती थी कि आज मेरी पहली चुदाई होने वाली है। मेरी सांसें तेज हो गईं, दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।

फिर उसने हल्का सा दबाव डाला। एक धक्का मारा – उसका लंड मेरी चूत में थोड़ा अंदर गया। मुझे तेज दर्द हुआ, जैसे कुछ फट रहा हो। मेरे मुंह से चीख निकल गई – “आह्ह्ह!” उसका लंड आधा ही अंदर गया था। दर्द इतना था कि आंखों से आंसू आ गए। लेकिन मेरी फ्रेंड ने बताया था कि पहली बार में दर्द होता है, फिर मजा आता है। मैंने दांत भींच लिए। डॉक्टर रुका नहीं। उसने धीरे-धीरे और धक्के मारे। मैंने उसकी बाजुओं पर नाखून गड़ा दिए, जोर से पकड़ लिया। आखिरकार एक जोरदार धक्के के साथ उसका पूरा मोटा लंड मेरी चूत में समा गया। अब वो पूरी तरह अंदर था। Doctor ka mota lund chut me sex story

डॉक्टर कुछ पल रुक गया। उसने मेरे होंठ चूसने शुरू किए। उसके होंठ मेरे होंठों पर दबे, जीभ अंदर डाली। फिर उसने मेरा शर्ट ऊपर किया, ब्रा को साइड में सरकाया और मेरे बूब्स को मुंह में लिया। वो एक-एक करके दोनों निप्पल्स चूस रहा था, हल्के से काट रहा था। दर्द धीरे-धीरे कम होने लगा। मेरी चूत अब उस लंड के आदी होने लगी थी। मैंने खुद ही अपनी गांड हिलानी शुरू कर दी। कमर ऊपर-नीचे करने लगी।

ये देखकर डॉक्टर ने चोदना शुरू कर दिया। पहले तो वो धीरे-धीरे धक्के मार रहा था। उसका मोटा लंड मेरी तंग चूत में आराम से अंदर-बाहर हो रहा था, हर बार थोड़ा और गहराई तक जाता। मेरी चूत अभी भी पहली बार की वजह से थोड़ी संवेदनशील थी, लेकिन दर्द अब मीठे मजा में बदल चुका था। मैंने अपनी कमर को उसके साथ ताल मिलाकर हिलाना शुरू कर दिया, जैसे उसे और गहराई में आमंत्रित कर रही हूं। Doctor ka mota lund chut me sex story

धीरे-धीरे उसकी रफ्तार बढ़ने लगी। अब हर धक्का जोरदार था। उसका लंड पूरी तरह अंदर तक जाता, फिर लगभग बाहर निकलकर फिर से पूरी ताकत से अंदर धंस जाता। मेरी चूत की दीवारें उस मोटे लंड को कसकर जकड़ रही थीं, हर बार बाहर निकलते वक्त एक खिंचाव-सा महसूस होता। रूम में अब छप-छप, पच-पच की गीली आवाजें गूंज रही थीं। मेरी चूत से निकलता गीलापन उसकी जांघों पर भी फैल रहा था, और हर धक्के के साथ वो आवाज और तेज हो रही थी। Doctor ka mota lund chut me sex story

मजा इतना बढ़ गया था कि मेरे मुंह से लगातार सिसकारियां और चीखें निकल रही थीं। “आह… हां… और जोर से… ओह गॉड… चोदो मुझे…” मैं खुद को रोक नहीं पा रही थी। मेरी आवाजें रूम में गूंज रही थीं, लेकिन उस वक्त मुझे किसी की परवाह नहीं थी। डॉक्टर ने मेरी दोनों टांगें पकड़ीं, उन्हें ऊपर उठाकर अपने कंधों पर रख लिया। अब मेरी कमर थोड़ी ऊपर उठ गई थी, और उसका लंड और गहराई तक पहुंच रहा था। हर धक्का अब मेरी चूत के सबसे संवेदनशील हिस्से को छू रहा था। मैं तड़प रही थी, मेरे निप्पल्स सख्त हो गए थे, और पूरा शरीर पसीने से तर था। Doctor ka mota lund chut me sex story

कुछ ही मिनटों में मेरी चूत सिकुड़ने लगी। पहले हल्के-हल्के, फिर जोर-जोर से। एक तेज, गहरी लहर मेरे पूरे निचले हिस्से में उठी। मेरी चूत ने उसके लंड को इतनी जोर से दबाया कि वो भी सांस रोककर रह गया। मैं चरमसुख पर पहुंच गई। मेरे मुंह से एक लंबी चीख निकली – “आआआह्ह्ह…!” पूरा शरीर कांप उठा, जांघें सिकुड़ गईं, और मेरी चूत से गरम तरल बाहर आने लगा। मैं पूरी तरह झड़ गई, आंखें बंद, सांसें तेज, और वो मीठी थकान पूरे शरीर में फैल गई। Doctor ka mota lund chut me sex story

डॉक्टर ने अभी रुकना नहीं था। उसने और कुछ तेज, गहरे धक्के मारे। उसके लंड में अब फड़फड़ाहट शुरू हो गई थी। फिर वो एकदम रुक गया। उसका लंड मेरी चूत के अंदर गहराई में फड़फड़ाया, और गरम-गरम माल की मोटी धार निकलकर मेरी चूत के अंदर भर गई। धार-धार करके वो अपना पूरा माल मेरे अंदर छोड़ रहा था। मैं उस गर्माहट को महसूस कर रही थी, जैसे कोई गरम लावा मेरे अंदर फैल रहा हो। वो थककर मेरे ऊपर लेट गया। उसकी सांसें मेरे कानों के पास तेज-तेज चल रही थीं, सीना मेरे सीने से दब रहा था। हम दोनों कुछ पल ऐसे ही लेटे रहे, पसीने में भीगे, सांसें संभालते हुए। Doctor ka mota lund chut me sex story

फिर वो मेरे ऊपर से धीरे-धीरे नीचे उतरा। उसका लंड मेरी चूत से बाहर निकला, और साथ में थोड़ा सा माल भी बहकर बाहर आया। मेरी चूत अभी भी हल्के-हल्के सिकुड़ रही थी, और वो गर्माहट अंदर महसूस हो रही थी। डॉक्टर की सांसें अभी भी तेज चल रही थीं। वो बिस्तर के किनारे बैठ गया, कुछ पल सांसें संभालता रहा, फिर मेरी तरफ मुड़कर बोला –

डॉक्टर: सेफ्टी के लिए कुछ कर लेना, और मैं तुम्हें ई-पिल की गोली दे दूंगा।

उसकी आवाज में अब वो जोश नहीं था जो कुछ मिनट पहले था। अब वो डॉक्टर की तरह ही बात कर रहा था – शांत, प्रोफेशनल, लेकिन आंखों में अभी भी हल्की सी चमक बाकी थी। मैं अभी भी थकी हुई थी, पूरा शरीर ढीला पड़ा था। मेरी चूत में उसका माल अभी भी गरम-गरम महसूस हो रहा था, और थोड़ा-थोड़ा बाहर निकलकर चादर पर फैल रहा था। मैं बस हां में सिर हिलाया। बोलने की हिम्मत नहीं थी। मेरी आवाज गले में अटक रही थी, और शर्मिंदगी भी अब धीरे-धीरे लौट रही थी। Doctor ka mota lund chut me sex story

डॉक्टर ने उठकर अपनी पैंट और अंडरवियर ऊपर किया। जिप बंद की, शर्ट ठीक की, और बालों पर हाथ फेरा। वो कुछ पल मुझे देखता रहा, जैसे ये सब याद कर रहा हो। फिर बिना कुछ और कहे दरवाजे की तरफ बढ़ गया। दरवाजा खोलकर बाहर निकल गया, और धीरे से बंद कर दिया। रूम में अचानक खामोशी छा गई। सिर्फ मेरी सांसों की आवाज और बाहर कॉरिडोर से आती हल्की-हल्की आहटें सुनाई दे रही थीं।

मैं कुछ देर वैसे ही लेटी रही। मेरी टांगें अभी भी फैली हुई थीं, चूत में हल्का जलन-सा महसूस हो रहा था, लेकिन वो जलन मीठी थी। मैंने धीरे से पैंटी और पजामा ऊपर किया, चादर अपनी तरफ खींची, और आंखें बंद कर लीं। मन में हजार सवाल घूम रहे थे – क्या ये सच में हुआ? क्या कोई देख तो नहीं लिया? लेकिन थकान इतनी थी कि सोचते-सोचते नींद आ गई। Doctor ka mota lund chut me sex story

अगले कुछ दिन हॉस्पिटल में और बीते। डॉक्टर रोज आता, लेकिन अब वो सिर्फ चेकअप करता। नजरें मिलतीं तो हल्की सी मुस्कान देता, लेकिन कुछ कहता नहीं। मैं भी चुप रहती। उसने मुझे ई-पिल की गोली दे दी थी – अगले दिन सुबह, जब कोई नहीं था। मैंने चुपचाप खा ली। उसके बाद सब सामान्य हो गया। दर्द कम हुआ, मैं ठीक होने लगी। आखिरकार डिस्चार्ज का दिन आया। घर वाले आए, सामान पैक किया, और मैं हॉस्पिटल से निकल गई।

उसके बाद दोबारा कुछ भी नहीं हुआ। न डॉक्टर से मुलाकात हुई, न कोई बात। सब कुछ वैसे ही रहा जैसे पहले था। लेकिन वो रात मेरे दिमाग में हमेशा के लिए बस गई। कभी-कभी याद आती है, तो शरीर में वही गर्मी फिर से फैल जाती है। Doctor ka mota lund chut me sex story

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