Desi Widow XXX Story दोस्त की विधवा माँ चुदाई की प्यासी थी

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Desi Widow XXX Story दोस्त की विधवा माँ चुदाई की प्यासी थी

Desi Widow XXX Story

मेरा नाम पिंटू है। उम्र 24 साल, हाइट 5 फीट 6 इंच और लंड का साइज 7 इंच है। पटना बिहार का रहने वाला हूँ। मैंने सोचा अब आपके साथ अपना भी एक रियल एक्सपीरियंस शेयर कर लूँ। जो कि मेरी आंटी यानी कि फ्रेंड की मॉम के साथ हुआ। इस स्टोरी में मैं अपने दोस्त और उसकी फैमिली का नाम बदल रहा हूँ क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से किसी की कोई प्रॉब्लम या बदनामी हो। और सेक्स का मजा सीक्रेट में ही होता है। यह स्टोरी आप पढ़ रहे हैं sexstoryqueen.com पर | Desi Widow XXX Story

मेरे दोस्त का नाम ऋषिकेश है। वो मुझसे उम्र में ३ साल छोटा है लेकिन हमारी दोस्ती काफी अच्छी है। मेरा उसके घर भी काफी आना-जाना है। ये स्टोरी तकरीबन 8 महीने पहले की है। ऋषिकेश की 2 सिस्टर और 2 ब्रदर हैं। अक्सर उसके घर आने-जाने की वजह से मैं उनकी सारी फैमिली से काफी घुल-मिल गया था।

सिस्टर्स और ब्रदर और उसकी मॉम सब से काफी हंसी-मजाक था। चाहे ऋषिकेश घर पर हो या ना हो, मैं उनके घर चला जाता था। कभी-कभी तो उसकी मॉम या सिस को लेकर मार्केट भी चला जाता था। तो दोस्तों अब आते हैं असल कहानी की तरफ। उसकी फैमिली वाले जरा काफी ओपन माइंड के हैं।Desi Widow XXX Story

इसलिए मैं जब भी उनके घर जाता तो उसकी मॉम ने कभी दुपट्टा लिया होता था तो कभी बिना दुपट्टे ही। सॉरी मैं एक बात बताना तो भूल गया कि ऋषिकेश के फादर की डेथ हो चुकी है एक एक्सीडेंट में तकरीबन 6-7 साल पहले। तो घर के काम करते हुए तो अक्सर वो घर में इसी तरह घूमती थी। उनका फिगर 36-32-38 होगा शायद।

यूँ दोस्तों धीरे-धीरे उन्हें देखकर मेरी नियत खराब होना शुरू हो गई। अब मैं ज्यादा टाइम उस वक्त उनके घर जाता जब ऋषिकेश घर पर ना होता। इस तरह मुझे उनके घरवालों के साथ बैठने-कर बातें करने और उनके सेक्सी बॉडी देखने का मौका मिलता रहता था।Desi Widow XXX Story

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वक्त के साथ-साथ मेरी ख्वाहिश बढ़ती गई कि आंटी के बूब्स को बिना ड्रेस के देखना और उन्हें टच करने की लेकिन डर भी बहुत लगता था। मेरी इस नजर से देखने को। धीरे-धीरे आंटी को भी फील होने लगा था कि मैं क्या चाहता हूँ। लेकिन कभी उनकी तरफ से रिस्पॉन्स नहीं मिला बस डर था एक कि अगर वो गुस्सा कर गईं तो। खैर इसी तरह काफी दिन गुजर गए।

एक दिन जब मैं उनके घर गया तो आंटी ने मुझे कहा कि पिंटू क्या फ्री हो? तो मैंने कहा जी आंटी जी खैरियत? तो कहने लगी हाँ जरा मुझे बाइक पर मार्केट ले चलो मैंने कुछ ड्रेस लेने हैं। तो मैंने कहा क्यों नहीं आंटी जी। मेरे तो दिल की ख्वाहिश पूरी हो रही थी। क्योंकि इस तरह मैं उनके बूब्स को अपनी बैक पर फील कर सकूँगा।Desi Widow XXX Story

तो दोस्तों कुछ देर में हम मार्केट जाने के लिए घर से निकले। आंटी जरा पीछे होकर बैठी हुई थी जिसकी वजह से मुझे कोई मजा नहीं आ रहा था। फिर मेरे जहन में एक तरकीब आई। मैंने बाइक की स्पीड तेज कर दी। जब कोई कार पास आती तो मैं एक दम से ब्रेक लगा देता जिससे आंटी मुझसे लिपट जाती।

तो आंटी मुझे कहने लगी कि जरा आहिस्ता चलाओ कहीं मैं गिर ही ना जाऊँ। तो मैंने कहा कि आंटी जी आप मेरे पेट से पकड़ लें। तो उन्होंने थोड़ी देर सोचने के बाद मुझे पकड़ लिया। इस तरह आंटी के बूब्स मुझे टच होने लगे लेकिन मजा नहीं आ रहा था। तो मैंने आंटी से कहा कि जरा करीब होकर बैठें।Desi Widow XXX Story

तो फिर वो बिल्कुल साथ जुड़ गई। ऊफ्फ… कितना अच्छा लगा उस वक्त उनके सॉफ्ट-सॉफ्ट बूब्स मेरी कमर में दबे जा रहे थे और मेरा लंड जोश में आना शुरू हो गया था। मेरी जो हालत थी वो कुछ-कुछ आंटी ने भी फील करना शुरू कर दिया था लेकिन उनकी तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा था।

खैर कुछ क्लॉथ्स वगैरह लेने के बाद जब वापसी होने लगी तो मैंने बाइक एक दही बड़ों वाले के पास चले गए। तो आंटी ने कहा ये क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा कि बस दिल कर रहा है चलो खा लेते हैं। तो वो खामोश हो गई। फिर हमने फ्रूट चाट और दही बड़े खाए और कोल्ड ड्रिंक पी।

कुछ इधर-उधर की बात होने लगी। इसके बाद हम लोग वापस घर आ गए। फिर एक दिन ऐसा हुआ कि मैं ऋषिकेश के घर गया तो घर पर कोई नहीं था सिर्फ आंटी ही थी। मैंने उनसे सब के बारे में पूछा तो वो कहने लगी कि सब लोग एक शादी में गए हुए हैं और रात को लेट नाइट ही वापसी होगी।Desi Widow XXX Story

उस वक्त शाम के 6 बजे का टाइम था। ये सुनकर ही कि घरवाले कोई नहीं हैं आंटी के अलावा मुझे बहुत खुशी हुई और साथ ही मेरा लंड ने भी हरकत शुरू कर दी। आंटी ने मुझे बैठने का कहा और खुद चाय बनाने के लिए किचन में चली गई। कुछ देर बाद मैं भी उनके पीछे किचन में चला गया और उनके पीछे जाकर खड़ा हो गया।

आंटी ने मुझसे पूछा कि घरवाले कैसे हैं? तो मैंने कहा सब ठीक हैं। और फिर उन्होंने मेरी शादी के बारे में पूछा तो मैंने कहा कि मुझे किसने लड़की देनी? तो वो कहने लगी कि ज्यादा बनो नहीं तुम पर तो बहुत लड़कियाँ मरती होंगी। मैं चुप ही रहा। आंटी थोड़ा सा पीछे हुई तो उनकी गांड मेरे से टच हुई। Desi Widow XXX Story

मेरा लंड पहले ही इरेक्ट था तो गांड के टच होते ही उसने जोश मारा मैं भी थोड़ा सा आगे हो गया। तो आंटी ने पीछे मुड़कर देखा मैंने नजर नीचे कर ली तो वो थोड़ा सा मुस्कुराकर फिर से काम में लग गई। इतने में चाय बन गई। फिर हम लोग टीवी लाउंज में आकर बैठ गए। वहाँ आकर चाय और बिस्किट लिए।

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आंटी ने मुझसे पूछा कि क्या सच में तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है? तो मैंने कहा कि मुझसे भला किसने दोस्ती करनी? तो वो कहने लगी अब ऐसी भी बात नहीं अच्छे भले तो लगते हो। ऐसा लग रहा था कि आंटी की तबीयत ठीक नहीं है। मैंने आंटी से पूछा कि आंटी जी खैर तो है आपकी तबीयत तो ठीक है?Desi Widow XXX Story

तो कहने लगी हाँ बस थोड़ा सा कमर में और सिर में पेन है। तो मैंने कहा कि कोई मेडिसिन लेनी थी? तो वो कहने लगी ली थी लेकिन कोई फर्क नहीं है। मैंने कहा कि आप लेट जाइएं। तो वो कहने लगी कि बस ठीक है। मेरे फिर से कहने पर वो वही सोफे पर बैठ गई और मैं भी उनके पास आ गया और सिर को दबाने लगा।

तो वो रोकने लगी तो मैंने कहा कुछ नहीं होता। तो वो भी खामोश हो गई। कुछ देर बाद वो कहने लगी कि कमर में बहुत पेन है सही तरह लेटा भी नहीं जा रहा। तो मैंने कहा लाओ मैं कमर भी दबा दूँ। तो वो कहने लगी कि नहीं रहने दो क्यों तकलीफ करते हो? तो मैंने कहा इसमें तकलीफ कैसी? ये कहकर मैंने उनकी कमर पर हाथ रखे।Desi Widow XXX Story

उनकी कमर पर हाथ रखते ही मुझे करंट सा लगा और मेरे लंड ने फिर से स्टैंड होना शुरू कर दिया। दिल तो कर रहा था कि अभी उन्हें अपनी बाहों में भर लूँ लेकिन बहुत डर लग रहा था। मेरे दिल बहुत तेज-तेज धड़क रहा था। मुझे पसीना आने लगा था। तो आंटी ने कहा लगता है तुमको ज्यादा गर्मी लग रही है। तो मैंने हाँ में सिर हिला दिया।

उनकी कमर को दबाते हुए बहुत बार उनका ब्रा भी हाथ में आया और साइड से उनके सॉफ्ट से बूब्स भी टच हो रहे थे। दिल करता था अभी दबोच लूँ उनके बड़े-बड़े बूब्स को। अब आंटी को भी महसूस हो गया था मैं क्या चाहता हूँ लेकिन उनकी तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं था बस वो खामोश थी बस कभी-कभी आह निकल जाती थी उनके मुँह से।Desi Widow XXX Story

अब मैंने दबाने की बजाय आहिस्ता-आहिस्ता मसाज करना शुरू कर दिया था। वो भी मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी और सिसकियाँ ले रही थी। मैंने आहिस्ता-आहिस्ता से अपना हाथ उनकी कमीज में ले जाकर उनकी कमर को मसलना शुरू कर दिया था। आहिस्ता-आहिस्ता पूरी कमर को मसल रहा था।

मेरी हालत बहुत बुरी हो रही थी। आंटी की ब्रा की डोरी के नीचे से और साइड से उनके बूब्स को भी टच कर रहा था। अब आंटी ने कहा कि बस करो लेकिन मैंने सुनी अनसुनी कर दी। फिर वो भी खामोश हो गई। मैंने आहिस्ता-आहिस्ता अपना हाथ आंटी के पेट पर ले जाना था।

जब मेरा हाथ आंटी के पेट पर गया तो मुझे महसूस हुआ कि आंटी भी काँप रही हैं। मैंने सोचा उन्हें भी अच्छा लग रहा है। अब मैं बहुत सॉफ्टली उनके पेट का मसाज कर रहा था। मेरे हाथ उनके बूब्स को भी टच हो रहे थे विद ब्रा और मेरे अंदर करंट दौड़ रहा था। मुझे फील होने लगा था कि अब आंटी का भी दिल चाह रहा है जो मेरा चाह रहा है कि कुछ हो जाए।Desi Widow XXX Story

मैंने डरते-डरते हिम्मत करके आंटी से कहा कि आंटी जी मसाज करते हुए आपकी कमीज रुकावट बन रही है। तो उन्होंने मेरी तरफ देखा तो मैंने नजर नीचे कर ली। तो थोड़ा सा मुस्कुराई और कहने लगी कि थोड़ा ऊपर कर दो। ये सुनकर तो मेरी खुशी की इंतिाह ही नहीं रही।

मैंने जल्दी-जल्दी उनकी कमीज उनके ब्रा से ऊपर कर दी। अब उनके बूब्स विद ऑफ व्हाइट ब्रा और उनका सॉफ्ट सा पेट मेरे सामने थे। ऑफ व्हाइट ब्रा में बूब्स गजब के लग रहे थे। ये देखकर मुझसे रहा ना गया और मैंने उनके पेट पर किस कर ली और एक हाथ उनके बूब्स पर रख दिया। आंटी भी मुस्कुरा रही थी।

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मेरा लंड तो फुली टाइट था और पैंट एंड अंडरवियर से बाहर आने को बेताब था। अब मुझे आंटी की तरफ से ग्रीन सिग्नल मिल गया था। मेरा दूसरा हाथ भी आंटी के बूब्स पर आ गया था और मैं बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही मसल रहा था। आंटी के मुँह से भी सिसकारियाँ निकलना शुरू हो गई थी। Desi Widow XXX Story

मैंने आंटी को कहा कि इस कमीज को निकाल दें। तो उन्होंने कहा कि खुद ही निकाल दो। मैंने पीछे हाथ ले जाकर उनकी कमीज खोली और उनकी मदद से कमीज को उतार दिया। अब आंटी ऑफ व्हाइट ब्रा और सलवार में मेरे सामने थी। मेरा डर अब काफी हद तक निकल गया था।

अब मैंने टाइटली उनके बूब्स को प्रेस करना शुरू कर दिया और उनकी नेक पर किस स्टार्ट कर दी और मेरा एक हाथ ब्रा के अंदर गया। तो आंटी ने कहा ये क्या कर रहे हो पागल हो गए हो क्या? ये सुनकर मैं डर सा गया और पीछे होने की कोशिश की लेकिन साथ ही आंटी ने मुझे बाहों में भर लिया और मेरे फेस पर किसिंग स्टार्ट कर दी। Desi Widow XXX Story

साथ-साथ कहने लगी पिंटू ये तुमने आज क्या कर दिया इतने दिन बाद मुझे ये सब मजा मिला है। दबाओ इनको अच्छी तरह से दबाओ ये तुम्हारे हैं। मैं तुम्हारी हूँ तुमने कोई जादू कर दिया है। और ना जाने क्या-क्या कहे जा रही थी। उधर मेरी हालत खराब होती जा रही थी समझ नहीं आ रहा था कहाँ से शुरू करूँ और क्या-क्या करूँ क्योंकि ये सब मेरे साथ पहली बार था।

अब हमने एक-दूसरे को टाइट से हग किया हुआ था और मेरे हैंड्स आंटी की बैक पर चल रहे थे। अब आंटी ने मुझे पीछे किया और मेरी शर्ट के बटन खोलना शुरू कर दिए। अभी शर्ट के बटन ओपन ही किए थे कि डोर बेल बज उठी। हम दोनों को तो एक दम से होश आ गया। एक-दूसरे को ऐसी हालत में देखकर अजीब सा लगा। Desi Widow XXX Story

आंटी ने जल्दी-जल्दी कमीज पहनी और मैंने अपनी शर्ट के बटन बंद किए और सीधा होकर सोफे पर बैठ गया और आंटी ने भी अपनी हालत ठीक करके दरवाजा ओपन करने चली गई। मेरा लंड भी एक दम से बैठ गया था और दिल में इतना गुस्सा आ रहा था ये सोचकर मजा भी आ रहा था कि चलो बात बन गई।

जब आंटी वापस आई तो उनके साथ उनका बेटा और बेटी थी मतलब मेरा दोस्त ऋषिकेश। अभी सिर्फ 7 बजे थे। तो आंटी ने पूछा कि क्या हुआ इतनी जल्दी कैसे आ गए? तो ऋषिकेश ने कहा कि वहाँ पर शोर बहुत था और उसकी सिस्टर की तबीयत खराब हो रही थी इसलिए वापस आ गए। मुझसे ऋषिकेश ने पूछा कि पिंटू तुम कब आए? Desi Widow XXX Story

तो मैंने कहा कि बस अभी तुम्हारे आगे-आगे ही आ रहा हूँ। तो उसने ओके कहा और ड्रेस चेंज करने के लिए अंदर रूम में चले गए। तो मैंने जल्दी से उठकर आंटी को फिर से गले से लगा लिया और उनके लिप्स पर किस करना शुरू कर दिया। आंटी ने भी रिस्पॉन्स किया लेकिन जल्द ही मुझे पीछे करते हुए कहा कि वो अंदर से कभी भी आ सकते हैं थोड़ा सब्र करो।

तो मैंने कहा कि नहीं होता ना अब सब्र। तो वो मुस्कुरा दी और कहने लगी कि सब्र तो अब मुझसे भी नहीं होता लेकिन क्या करूँ मजबूरी है ना। फिर मैं भी पीछे हो गया। तो वो कहने लगी कि अब मैं मौका देखकर तुमको फोन करूँगी जब घर पर कोई नहीं होगा तो फिर चाहे जो मर्जी कर लेना जितना मर्जी मजा करना और मुझे भी देना। Desi Widow XXX Story

तो मैंने ओके में सिर हिला दिया और लालची नजरों से उनकी तरफ देखता रहा। फिर ऋषिकेश अंदर से ड्रेस चेंज करके आ गया और कुछ देर मैं उसके साथ बैठा रहा। फिर मैंने कहा कि काफी टाइम हो गया है अब मैं चलता हूँ। ऋषिकेश मुझे छोड़ने दर तक आया और फिर वापस अंदर चला गया।

तो दोस्तों घर पहुँचने पर भी मेरी हालत अजीब सी। मैं सोच रहा था ये सब क्या हो गया लेकिन अच्छा भी फील हो रहा था। बस दिल कर रहा था कि अभी चला जाऊँ आंटी के पास लेकिन ऐसा मुमकिन नहीं था। अब मैं वेट करने लगा कि कब आंटी का फोन आए और कब मैं अपने दिल के अरमान पूरे करूँ। Desi Widow XXX Story

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इसी तरह 3 दिन गुजर गए शर्म के मारे मैं भी नहीं गया। फिर नेक्स्ट डे अचानक मेरे सेल फोन पर बेल हुई तो मैंने देखा ये तो आंटी का नंबर है। अब मैं सोचने लगा कि कॉल रिसीव करूँ या नहीं। फिर मैंने कॉल का बटन येस किया तो आगे से आंटी थी। वो कह रही थी कि पिंटू बेटा जरा घर आओगे तुमसे एक काम है। ऋषिकेश भी घर पर नहीं है वो सब लोग अपने मामा के घर गए हुए हैं। मेरी तबीयत सही नहीं थी तो मैं नहीं गई।

ये सुनकर तो मेरी खुशी की इंतिहा ही नहीं रही। मैंने कहा आंटी जी आप बेफिक्र रहें मैं अभी कुछ देर तक पहुँचता हूँ। मैंने टाइम देखा तो दोपहर के २:०० बज रहे थे। मैं जल्दी से घर से बाइक ली और ऋषिकेश के घर की तरफ चल दिया। तकरीबन 15 मिनट में उनके घर के बाहर था। Desi Widow XXX Story

बाइक को मैंने बाहर ही लॉक किया और डोर बेल दी। आंटी शायद दर के पास ही थी तो उन्होंने फौरन दरवाजा खोल दिया। आंटी ने उस वक्त ब्लैक कलर की टाइट कमीज विद फ्लावर्स पहनी हुई थी जिसमें वो बहुत खूबसूरत लग रही थी। आंटी कहने लगी कि बाइक को अंदर ही कर दो।

तो मैंने बाइक घर के अंदर कर दी। दरवाजा को अंदर से लॉक करने के फौरन बाद ही आंटी ने मुझे गले से लगा लिया और जोर से दबाने लगी। आंटी की हाइट आई थिंक 5 फीट होगी। मेरी हाइट बड़ी होने की वजह से आंटी का फेस मेरी नेक पर आ रहा था और उनके सॉफ्ट मगर बिग बूब्स मेरे सीने में घुसे जा रहे थे। Desi Widow XXX Story

मैंने भी उन्हें टाइटली हग किया और उन्हें ऊपर उठा दिया। अब उनका फेस मेरे फेस के सामने था और उनके फीट जमीन से ऊपर हवा में थे। हम इसी तरह किस करते हुए अंदर रूम में चले गए और जाते ही बेड पर लेट गए। मैं तो दीवाना सा हो जा रहा था।

आंटी ने कहा ठहरो मैं पहले तुम्हारे लिए कुछ ले आऊँ खाने के लिए। तो मैंने कहा मेरी जान तुमसे बढ़कर मेरे लिए और क्या हो सकता है खाने को। तो वो हँसने लगी और फिर हमने लिप किस स्टार्ट कर दी जो कि तकरीबन 3 मिनट तक चली। अब आंटी ने कहा कि जल्दी करो जो करना है शाम तक वो लोग वापस आ जाएँगे इसलिए हमें टाइम जाया नहीं करना चाहिए।

तो मैंने कहा जो हुक्म मेरी जान। अब मैंने आंटी की बैक से जिप ओपन की और वो मेरी शर्ट के बटन ओपन करने लगी और मेरी शर्ट उतार दी। मैंने उनकी कमीज ऊपर उठाई तो उन्होंने बाजू ऊपर कर दी जिससे कमीज आसानी से निकल गई। उन्होंने नीचे कुछ भी नहीं पहना था। ये देखकर तो मैं दीवाना हो गया। Desi Widow XXX Story

आज मेरी दिली ख्वाहिश पूरी हो गई थी। उनके बिग बूब्स बिना ड्रेस के मेरे सामने थे। मुझसे रहा ना गया और मैंने उन्हें पकड़ लिया और दबाना शुरू कर दिया। वो इतने बड़े थे कि मेरे हाथों में नहीं आ रहे थे। आंटी के मुँह से सिसकारियाँ निकलना शुरू हो गई। अब मैं उनके बूब्स को दबा रहा था और उनकी नेक पर किस कर रहा था।

आहिस्ता-आहिस्ता मैं उनके बूब्स पर आ गया और उनके ऊपरी हिस्से की लिकिंग स्टार्ट कर दी और फिर एक बूब को मुँह में लेकर सक करना शुरू कर दिया। आंटी की हालत ऐसी थी कि बिन पानी की मछली। उस वक्त मेरी हालत ऐसी थी कि मैं बयान नहीं कर सकता। मेरा लंड फुल टाइट था और उसमें पेन होना स्टार्ट हो गया था। Desi Widow XXX Story

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मुझे ऐसे लगता था कि अभी जान निकल जाएगी और ऐसा ही हुआ। मैं ज्यादा देर बर्दाश्त ना कर सका और मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया। मुझे ऐसा लगा कि मेरी टाँगों में जान नहीं रही। मैं वही बेड पर सीधा होकर बेसुध लेट गया। आंटी ने पूछा कि क्या पानी छूट गया? तो मैंने हाँ में सिर हिला दिया।

आंटी ने कहा नो प्रॉब्लम अभी ठीक कर देती हूँ सब। आंटी अभी तक काफी हॉट थी लेकिन मेरा लंड अब बिल्कुल छोटा हो गया था। फिर आंटी ने हाथ बढ़ाकर मेरी पैंट की बेल्ट ओपन की और फिर बटन खोलकर मेरी पैंट नीचे खिसका दी और मेरे लंड को एक कपड़े से साफ किया। Desi Widow XXX Story

जैसे ही आंटी के हाथ मेरे लंड पर टच हुए मेरे जिस्म में एक झटका सा लगा और फिर आंटी मेरे लंड को पकड़कर आहिस्ता-आहिस्ता हिलाने लगी और मेरे सीने पर किसिंग स्टार्ट कर दी जिससे मेरे लंड में जैसे फिर से जान आने लगी। कुछ देर बाद ही मेरा लंड फिर से फुली इरेक्ट हो गया था।

आंटी ने मेरे लंड को देखकर कहा कि तुम्हारे अंकल का भी इतना ही था। और मैं भी आंटी के बूब्स को प्रेस कर रहा था और उनकी बैक पर भी हाथ फेर रहा था। मैंने आंटी से कहा कि अब अपनी सलवार तो उतार दो ताकि मैं भी नजारा ले सकूँ। तो उन्होंने कहा कि खुद ही उतार दो। तो मेरा एक हाथ उनकी सलवार पर गया तो देखा आंटी ने लास्टिक डाली हुई है सलवार में। Desi Widow XXX Story

फिर मैंने सलवार नीचे करके उनकी टाँगों से निकाल दी। अब आंटी और मैं दोनों ही फुल नंगे थे और दोनों ही एक-दूसरे को प्यासी नजरों से देख रहे थे और मुस्कुरा रहे थे। आंटी ने कहा कि अब जल्दी से इसको अंदर कर दो अब बर्दाश्त नहीं होता। मेरी भी पोजीशन कुछ ऐसी ही थी। अब आंटी बेड पर कमर के बल लेट गई और मैं उनके ऊपर आ गया।

मेरा ये पहला एक्सपीरियंस था लेकिन मूवीज में सब कुछ पहले भी देखा हुआ था। ऊपर आने के बाद मैंने अपना लंड आंटी की चूत पर फेरना शुरू कर दिया जिससे मुझे बहुत मजा आ रहा था और यकीनन आंटी को भी आ रहा होगा। फिर मैंने अपने लंड को आंटी की चूत के होल पर लगाकर हल्का सा जोर लगाया तो वो अंदर चला गया और आंटी के मुँह से सस्सस्सस्स की आवाज निकल गई। Desi Widow XXX Story

वो कहने लगी कि जरा आराम-आराम से करना काफी दिनों के बाद आज ये मजा मिल रहा है। तो मैं कुछ देर के लिए रुक गया और फिर आहिस्ता-आहिस्ता अंदर जोर लगाने लगा। नीचे से आंटी भी ऊपर उठकर रिस्पॉन्स दे रही थी। अब मेरा 7 इंच का लंड हाफ से ज्यादा अंदर-बाहर हो रहा था।

मैं आंटी के लिप्स सक कर रहा था और मेरे हाथ आंटी के बूब्स पर थे जो कि हमेशा से मेरी जान थे। आंटी अजीब-अजीब सी आवाजें निकाल रही थी येस्स्स्स पिंटू.. आअह्ह्ह… और जोर से करो.. स्स्स्स.. बस इसी तरह करते रहो ओओह्ह्ह येस्स्स्स… स्स्स्स… आआअ.

इसी तरह कुछ देर गुजर गई। हम दोनों भरपूर मजा ले रहे थे। दिल करता था कि वक्त यहीं पर रुक जाए और ये मजा कभी खत्म ना हो। अचानक आंटी ने मुझे मेरी कमर से पकड़कर अपनी तरफ पूरे जोर से खींचा और मेरा लंड जर तक आंटी की चूत में चला गया। इसी तरह कुछ देर हम लोग लेटे रहे। Desi Widow XXX Story

मुझे हिलने नहीं दे रही थी आंटी और झटके ले रही थी। वो मुझे बाद में पता चला कि वो फरिग हो गई हैं। अब वो बिल्कुल ढीली हो गई थी। मैंने फिर से जोर-जोर से धक्के लगाना शुरू कर दिए और कुछ ही देर में मैं भी आंटी के अंदर ही फरिग हो गया। मेरी निढाल होकर आंटी के ऊपर गिर गया।

मेरे लंड से पानी आंटी की चूत में गिरता रहा और हम काफी देर तक इसी तरह लेटे रहे जैसे जिंदगी का सब से ज्यादा सुकून मिल गया हो और मेरे हाथ आंटी के बूब्स पर थे। तकरीबन हाफ ऑवर के बाद आंटी ने कहा कि उठो और मैं उनके ऊपर से उठकर एक साइड पर हो गया। Desi Widow XXX Story

आंटी उठी और अपने कपड़े लेकर बाथरूम में चली गई। कुछ देर में ही डोर बेल बजी तो मैं जैसे होश में आ गया। बाथरूम से आंटी जल्दी से निकली अब तक उन्होंने अपने कपड़े पहन लिए थे और मुझे भी जल्दी से ड्रेस पहनने को कहा।

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मैंने भी जल्दी-जल्दी अपने कपड़े पहने और बाथरूम की तरफ चला गया और आंटी डोर ओपन करने चली गई। बाहर ऋषिकेश और उसकी सिस्टर थी। ऋषिकेश की आवाज मुझे अंदर तक आ रही थी वो कह रहा था कि पिंटू कहाँ पर है उसकी बाइक बाहर खड़ी है। तो आंटी ने कहा यहीं पर है वॉशरूम गया है। कुछ देर में अपना हुलिया ठीक करके मैं भी बाहर आ गया और ऋषिकेश से गले मिला। उसने पूछा कब आया? तो मैंने कहा कि तकरीबन हाफ ऑवर हो गया है पर तेरा पता ही नहीं होता कहाँ पर है। Desi Widow XXX Story

फिर हम लोगों ने मिलकर खाना खाया और फिर मैं वापस वहाँ से अपने घर आ गया। तो दोस्तों उनके बाद भी मैं बहुत बार आंटी से मिल चुका हूँ और हमने खूब एंजॉय किया है। दिल तो करता है रोज-रोज खूब मजा लिया जाए लेकिन ये मौका काफी दिन बाद मिलता है क्योंकि हम नहीं चाहते कि ये बात किसी को पता चले और हमारी बदनामी हो खासकर आंटी का मुझे बहुत ख्याल है। अब हम अक्सर साथ में घूमने भी चले जाते हैं बाहर रेस्टोरेंट में खाना भी खाते हैं साथ में किसी ना किसी काम के बहाने।

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