Cuckold help sex story सीनियर की भूखी बीवी को रात भर मोटे लंड से संतुष्ट किया-2

(Cuckold help sex story)
कहानी का पिछला भाग: सीनियर की भूखी बीवी को रात भर मोटे लंड से संतुष्ट किया – Part 1
उसे पता था कि अब क्या करना है। वो बेड पर घुटनों के बल बैठ गई, मेरे पास आई और लंड को दोनों हाथों में पकड़ लिया। पहले धीरे-धीरे आगे-पीछे किया, जैसे उसका आकार महसूस कर रही हो। फिर प्यासी नजरों से ऊपर देखा और मुंह खोलकर सुपारे को होंठों से छुआ। धीरे-धीरे मुंह में लिया, जीभ से चारों तरफ घुमाया। फिर एक झटके में आधा लंड मुंह में घुसा लिया। “ग्ग्ग… गी… गोग…” जैसी गले से आवाजें आने लगीं। वो गले तक ले रही थी, आंखें बंद, आंसू निकल आए थे लेकिन रुक नहीं रही थी। Cuckold help sex story
चूसते हुए वो एक हाथ से मेरे गोटों को सहला रही थी, हल्के-हल्के दबा रही थी। मैं मदहोश हो रहा था, सिर पीछे झुक गया, “आह्ह… वर्षा… कितना अच्छा चूस रही हो… गहरा ले… ओह्ह…” उसने दो मिनट तक ऐसे ही चूसा, फिर धीरे-धीरे लंड बाहर निकाला। लंड पर लार चमक रही थी। फिर जीभ से नीचे की तरफ ले गई, लंड की नसों को चाटा, फिर गोटों को मुंह में लिया। एक-एक करके चूसे, जीभ से सहलाया। मुझे ऐसा आनंद पहले कभी नहीं मिला था, घुटने कांप रहे थे। Cuckold help sex story
वो फिर जीभ से लंड के नीचे वाले हिस्से को चाट रही थी, जहां सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है। फिर से पूरा लंड मुंह में लिया और तेज-तेज चूसने लगी। मैं उसके बाल पकड़कर हल्का सा धक्का दे रहा था। वो बोली, “आह्ह… कितना मोटा लंड है तेरा… मुंह फाड़ रहा है… लेकिन मजा आ रहा… चूसूंगी पूरा… ग्लप… गोग…”
कुछ देर बाद मैं और नहीं सह सका। मैंने उसे धीरे से बेड पर पीछे धकेला। वो लेट गई, पैर फैलाए। मैं उसके ऊपर झुका, लंड को उसकी चूत के पास ले गया। पहले सुपारे से चूत के होंठों को सहलाया, क्लिटोरिस पर रगड़ा। वो तड़प उठी, “आह्ह… डालो ना रोनित… चूत में… तरस रही हूं… आह्ह… जल्दी…” चूत पूरी गीली थी, रस बह रहा था। Cuckold help sex story
मौका देख मैंने एक झटके में लंड अंदर डाल दिया। वो जोर से चिल्लाई, “आआ… हाय… कितना मोटा…” लेकिन लंड पूरा अंदर चला गया। चूत टाइट थी, गर्म, जैसे मुझे जकड़ रही हो। मैंने रुककर उसे महसूस किया, फिर धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। बाहर- अंदर, धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई। चूत की गर्मी और टाइटनेस से लंड और सख्त हो गया। वो जोर-जोर से आहें भर रही थी, “आह्ह… ओह्ह… धीरे… मोटा है… फट जाएगी चूत… हाय… लेकिन अच्छा लग रहा… चोदो… और अंदर…” Cuckold help sex story
मैं उसके मम्मों को चूस रहा था, एक हाथ से निप्पल मसल रहा था। अब चूत मेरे लंड को आराम से अंदर-बाहर होने दे रही थी। स्पीड बढ़ाई, पट-पट की आवाज आने लगी। हर धक्के के साथ उसके मम्मे उछल रहे थे। वो मेरी पीठ पर नाखून गाड़ रही थी, “आह्ह… इह्ह… रोनित… जोर से… चोदो मेरी चूत… ओह्ह… ऊऊ… गहरा… हाय…”
5 मिनट बाद मैंने उसे पलटा और डॉगी स्टाइल में किया। वो घुटनों और हाथों के बल थी, गांड ऊपर उठी हुई। तब तक वो एक बार झड़ चुकी थी, चूत से रस बह रहा था, चादर गीली हो गई थी। मैंने पीछे से लंड चूत पर रगड़ा, फिर एक धक्के में पूरा अंदर। वो फिर सिसकारी, “आह्ह… गहरा गया… ओह्ह…” मैंने गांड पकड़ ली, दोनों तरफ से मजबूती से। जोर-जोर से ठोकना शुरू किया। पट-पट-पट की आवाज कमरे में गूंज रही थी। वो चीख रही थी, “आह्ह… हाय… फाड़ दो… और तेज… आऊ… उईई… गहरा… ओह्ह… मैं फिर झड़ रही हूं…” Cuckold help sex story
लगभग 10 मिनट तक मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदा। मेरे धक्के तेज हो गए, लंड चूत में पूरी तरह डूब रहा था। मैं झड़ने को तैयार था। स्पीड और तेज की। वो कराह रही थी, “आह्ह… रोनित… आ रहा हूं फिर… लेकिन रुको… माल मुंह में दो… पीना है मुझे…”
मैं धक्के देते हुए रुका, लंड बाहर निकाला। वो तुरंत मुड़कर घुटनों पर बैठ गई। मैंने लंड उसके मुंह के पास किया। लंड चूत के रस से चमक रहा था। वो चाटने लगी, फिर मुंह में लिया और तेज चूसने लगी। मैंने उसके सिर पकड़कर मुंह चोदा। कुछ ही धक्कों में मैं झड़ गया। गरम वीर्य उसके मुंह में भर गया। वो “ग्लप… ग्लप…” करके पी गई, कुछ बाहर निकला तो जीभ से चाट लिया। “आह्ह… स्वादिष्ट… पूरा पी लिया… कितना गर्म… आह्ह…” Cuckold help sex story
वो हांफ रही थी, मुंह से वीर्य की कुछ बूंदें टपक रही थीं, लेकिन मुस्कुरा रही थी।
ये हमारा पहला राउंड हुआ था।
उसके बाद हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए। वर्षा की सांसें अभी भी तेज चल रही थीं, उसकी चूत से हमारा मिला-जुला रस धीरे-धीरे बहकर बेडशीट पर फैल रहा था। मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया, उसके नंगे बदन को सहलाया, चूचियों पर हल्के-हल्के हाथ फेरा। वो मुस्कुराई और मेरे सीने पर सिर रखकर बोली, “रोनित… आज तो जन्नत मिल गई… इतना मजा पहले कभी नहीं आया।” हम कुछ देर ऐसे ही आराम करते रहे, एक-दूसरे को चूमते, छूते, हल्की-हल्की बातें करते। Cuckold help sex story
फिर हम उठे, बाथरूम गए, नहाए। वर्षा ने मुझे तौलिया दिया, मैंने उसे भी पोछा। नहाने के बाद वो किचन में गई, कुछ हल्का खाना बनाया – रोटी, सब्जी और दही। हम दोनों नंगे ही सोफे पर बैठकर खाना खाने लगे। बीच-बीच में वो मेरे लंड को हाथ से सहलाती, मैं उसकी चूत पर उंगली फेरता। खाना खाते-खाते ही हम फिर गर्म हो गए। वर्षा बोली, “भूख तो अभी भी बाकी है… चूत की भूख…” मैं हंस पड़ा और उसे गोद में उठाकर फिर बेडरूम ले गया।
दूसरे राउंड की शुरुआत हुई। मैंने वर्षा को बेड पर लिटाया, मिशनरी पोजिशन में। उसके दोनों पैर फैलाकर मैं उसके ऊपर चढ़ गया। लंड फिर से पूरी तरह खड़ा था, चूत के मुंह पर रखकर धीरे-धीरे रगड़ा। वो सिसकारी, “आह्ह… रोनित… डालो ना… फिर से भर दो मुझे…” मैंने धीरे से सिरा अंदर किया। चूत अभी भी गीली और गरम थी, पहले राउंड के वीर्य और रस से चिकनी हो चुकी थी। पूरा लंड धीरे-धीरे अंदर गया। वो आंखें बंद करके कराही, “ओह्ह… कितना गहरा… हाय… धीरे… मोटा है ना…” Cuckold help sex story
मैंने धक्के शुरू किए – पहले धीमे, गहरे। हर धक्के के साथ उसकी चूत मेरे लंड को जकड़ लेती। मैंने उसके पैर उठाकर अपने कंधों पर रख दिए। अब गहराई और बढ़ गई, लंड सबसे आखिरी तक जा रहा था। वो चीखने लगी, “आआह्ह… रोनित… वहां… हाय… टच हो रहा है… ओह्ह… और गहरा… चोदो जोर से…” मैंने स्पीड बढ़ाई, पट-पट की आवाज गूंजने लगी। उसके मम्मे उछल रहे थे, मैंने एक हाथ से उन्हें दबाया, निप्पल को चुटकी काटी। वो बार-बार झड़ रही थी – पहली बार झड़ते हुए चूत सिकुड़ गई, लंड को दबाया, “आह्ह… इह्ह… झड़ रही हूं… ओह्ह… रुकना मत…” मैं रुका नहीं, धक्के जारी रखे। दूसरी बार झड़ते हुए वो चीखी, “ऊऊ… फिर से… हाय… कमाल है तू… चोदता रह…” Cuckold help sex story
मैं भी तेज हो गया, लंड पूरी ताकत से अंदर-बाहर। आखिरकार मैं झड़ने को तैयार हुआ। वो बोली, “अंदर… अंदर ही डालो… भर दो चूत को…” मैंने जोर का धक्का मारा और चूत के अंदर गर्म वीर्य की धार छोड़ दी। वो कांपी, “आह्ह… महसूस हो रहा… गर्म… कितना सारा…” वीर्य चूत में भर गया, कुछ बाहर भी बहने लगा।
हम कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे। फिर तीसरा राउंड। इस बार मैंने उसे साइड में लिटाया, पीछे से लिपटकर। एक पैर ऊपर उठाकर मैंने लंड फिर से चूत में डाला। साइड से चोदते हुए मैं उसके मम्मों को पीछे से दबा रहा था, निप्पल्स को चूस रहा था। वो कराह रही थी, “ओह्ह… ये पोजिशन… बहुत अच्छी… गहराई… आह्ह… चूसो मम्मे… जोर से…” मैंने एक हाथ नीचे ले जाकर क्लिटोरिस रगड़ा, उंगली से सहलाया। वो फिर झड़ने लगी, “आऊ… ऊई… क्लिट पर… हाय… झड़ रही हूं…” चूत सिकुड़ रही थी, मैं धक्के मारता रहा। आखिरकार मैंने फिर से अंदर झड़ दिया, वीर्य की और एक धार चूत में डाली। हर बार चूत पूरी भर जाती, रस और वीर्य मिलकर बहते, बेड गीला हो चुका था। Cuckold help sex story
हम थककर एक-दूसरे से चिपककर लेट गए। वर्षा ने कहा, “रोनित… आज की रात कभी नहीं भूलूंगी… तूने मुझे सच में संतुष्ट किया।” मैंने उसे किस किया और हम सो गए।
सुबह को राहुल आ गया। दरवाजा खुलते ही वर्षा ने उसे गले लगाया, चेहरे पर संतुष्टि की मुस्कान थी। राहुल ने मुझे देखा और मुस्कुराकर कहा, “यार, शुक्रिया… वो बहुत खुश लग रही है।” मुझे भी अच्छा लगा कि उसकी बीवी संतुष्ट थी। और तब से अब तक वो अपनी बीवी की चूत मुझसे ही मरवाता है। वर्षा भी मेरे साथ बहुत खुश है और चुदाई में पूरा मजा देती है।Cuckold help sex story
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