Hot desi sali sex story केरल का ट्रिप और साली की देह की प्यास

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Hot desi sali sex story केरल का ट्रिप और साली की देह की प्यास

ये एक ऐसी हॉट देसी स्टोरी है जिसे मैं हमेशा छुपाना चाहता था, अपनी ज़िंदगी का वो राज़ जिसे कभी किसी को बताने की हिम्मत नहीं हुई। ये उस पल की कहानी है जब रिश्तों की सारी मर्यादाएं पिघल कर बह गई थीं, जब एक बहाना हकीकत बन गया और एक ख्वाहिश ने जिस्म का रूप ले लिया। यह स्टोरी आप पढ़ रहे हैं sexstoryqueen.com पर | Hot desi sali sex story

बात मेरी साली अनुष्का की है। अब अनुष्का कोई आम लड़की नहीं थी, वो एक ऐसा तूफ़ान थी जो अपनी अदाओं से किसी का भी दिल हिला सकती थी। उम्र थी उसकी बस 20 साल, पूरा कॉलेज का जोश और नौजवानी का वो उबाल जो हर वक्त उसकी आँखों में झलकता रहता था। मैं खुद 32 साल का था, शादीशुदा, और पत्नी प्रिया के साथ एक सैटल्ड ज़िंदगी जी रहा था। प्रिया को अपनी छोटी बहन से बेइंतहा प्यार था, और मैं भी उसे हमेशा अपनी छोटी बहन की तरह ही मानता था, कम से कम शुरुआत में तो ऐसा ही था।

अनुष्का का बदन देखते ही बनता था। गेहुँआ रंग, बड़ी-बड़ी हिरनी जैसी आँखें जो शरारत से भरी रहती थीं, और काले घने बाल जो उसकी कमर तक आते थे। लेकिन सबसे खास चीज़ थी उसका होंठों पर हमेशा खेलती एक शैतान मुस्कान, जो किसी को भी पल भर में अपना दीवाना बना ले। वो अक्सर हमारे घर आती रहती थी, और जब भी आती, मेरे और प्रिया के बीच एक तरोताज़ा हवा का झोंका बनकर आती। मैंने कभी उसे गौर से देखा नहीं था, शायद देखना नहीं चाहता था, क्योंकि दिल के किसी कोने में मुझे पता था कि वो मेरे लिए एक कमज़ोरी बन सकती है। Hot desi sali sex story

ये सब तब शुरू हुआ जब प्रिया को अपने ऑफिस के काम से अचानक एक हफ्ते के लिए सिंगापुर जाना पड़ा। मैं घर पर अकेला पड़ गया था, और सच कहूं तो बोरियत से मर रहा था। तभी अनुष्का का फोन आया। उसने बताया कि उसके कॉलेज की पढ़ाई का बोझ उसे तोड़ रहा है और वो कहीं घूमने जाना चाहती है, बस कुछ दिन की शांति चाहिए। ये मेरे लिए एक मौका था अपनी बोरियत दूर करने का। मैंने भी बिना ज्यादा सोचे-समझे उससे पूछ लिया, “क्यों न हम दोनों केरल चलें?” मैंने केरल अपने किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में ही चुना था, लेकिन उसे बताया कि ये एक शानदार घूमने की जगह है। बैकवॉटर्स का शांत पानी, हरे-भरे नारियल के पेड़ और आयुर्वेदिक स्पा का झूठा वादा। अनुष्का तुरंत मान गई। उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। मेरे मन में तब कोई गलत इरादा नहीं था, बस एक साली को केरल घुमाने का बहाना था ज़िंदगी की एकरसता से बच निकलने का। Hot desi sali sex story

हमने अगले ही दिन फ्लाइट पकड़ी और कोच्चि पहुंचे। एयरपोर्ट से निकलते ही केरल की वो भीनी-भीनी खुशबू, नम हवा और हरियाली का वो नज़ारा जैसे सारी थकान उतार गया। मैंने एक खूबसूरत बुटीक रिसॉर्ट में एक कॉटेज बुक किया था, बैकवॉटर्स के बिल्कुल किनारे। जब हम कॉटेज में पहुंचे तो अनुष्का की आँखें खुशी से चमक उठीं। कमरे में एक ही बड़ा सा बिस्तर था, जो गुलाब की पंखुड़ियों से सजा था। मैंने झट से कहा, “मैं सोफे पर सो जाऊंगा, या रिसेप्शन से एक्स्ट्रा बेड मंगवा लेता हूं।” लेकिन उसने मेरा हाथ पकड़कर रोक दिया। उसकी छुअन से मेरे भीतर एक अनजानी सी बिजली कौंध गई। उसने कहा, “जीजू, इतना बड़ा बिस्तर है, कौन सी बात है? आपको तकलीफ होगी सोफे पर।” उसकी इस मासूमियत के पीछे एक गहरी शरारत छुपी थी जो मैंने तभी महसूस की। Hot desi sali sex story

पहला दिन कोच्चि घूमने में बीता। फोर्ट कोच्चि की गलियां, चाइनीज़ फिशिंग नेट और समुंदर का किनारा। अनुष्का ने हल्के नीले रंग की एक टॉप और वाइट शॉर्ट्स पहनी थी। जब भी वो आगे बढ़कर कोई सेल्फी लेती, मेरी नज़रें उसकी कमर के घुमाव, उसकी लंबी टांगों और उसके उभरे हुए कूल्हों पर चली जाती। मैं खुद को रोकता, लेकिन वो बार-बार मेरे पास आकर मुझे छूती, मेरा हाथ पकड़कर खींचती, और अपनी बातों से हंसाती। शाम को हम बैकवॉटर्स के किनारे बैठे थे, ठंडी हवा चल रही थी और आसमान तारों से भरा था। उसने मेरे कंधे पर सिर रख दिया और मेरी उंगलियों से खेलने लगी। उस पल एक अजीब सी शांति और एक गहरी बेचैनी दोनों थी मेरे अंदर। मैं उसकी खुशबू को महसूस कर रहा था, एक मीठी सी खुशबू जो मुझे पागल किए दे रही थी। Hot desi sali sex story

उस रात जब हम कमरे में लौटे, तो मैंने देखा कि उसने सिर्फ एक ढीली सी टी-शर्ट पहनी हुई थी जो उसकी जांघों के बीच तक आ रही थी। वो बिस्तर पर पेट के बल लेटकर मुझसे बातें कर रही थी, लेकिन मेरी नज़रें बार-बार उसकी टांगों और पीठ की खुली त्वचा पर जा रही थीं। मैंने लाइट बंद कर दी ताकि अंधेरे में मेरी बेचैनी छुप जाए। हम अगल-बगल लेट गए। कुछ देर चुप्पी रही, फिर उसने करवट बदली और मेरी तरफ मुंह करके लेट गई। उसकी सांसें मेरे चेहरे पर पड़ रही थीं। उसने धीरे से पूछा, “जीजू, क्या आपको नहीं लगता कि हम बहुत अच्छे दोस्त हैं?” मैंने गला साफ करके कहा, “बिल्कुल।” लेकिन मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। उसने अपना हाथ मेरी छाती पर रख दिया और बोली, “आपका दिल बहुत तेज़ धड़क रहा है।” ये वो लम्हा था जब मुझे पहली बार एहसास हुआ कि ये सिर्फ एक केरल घुमाने का बहाना नहीं रह गया है। Hot desi sali sex story

अगली सुबह हमने मुन्नार की तरफ रुख किया। चाय के बागानों के बीच से गुज़रते हुए, ठंडी पहाड़ी हवा में अनुष्का बिल्कुल किसी परी जैसी लग रही थी। रास्ते भर उसने अपना हाथ मेरी जांघ पर रखा हुआ था, और हर मोड़ पर मुझसे चिपक जाती। अब हमारी नज़रें मिलने लगी थीं, एक ऐसी नज़र जो अब भाई-बहन जैसी नहीं लगती थी। रास्ते में एक पॉइंट पर बारिश शुरू हो गई। हम भागकर एक सुनसान से व्यू पॉइंट की छत के नीचे खड़े हो गए। वो ठंड से कांप रही थी, और मैंने अपनी बाहें उसके चारों तरफ लपेट लीं। वो मेरी छाती से चिपक गई, और हम काफी देर तक ऐसे ही खड़े रहे। मेरा हाथ उसकी पीठ पर था और मैं उसकी ब्रा की स्ट्रिप को साफ महसूस कर पा रहा था। Hot desi sali sex story

शाम को जब हम रिसॉर्ट लौटे, तो अनुष्का ने कहा कि उसे स्पा जाना है। मैं कमरे में अकेला बैठा यही सोच रहा था कि ये सब क्या हो रहा है, मेरे साथ, उसके साथ। क्या वो भी वही चाहती है जो मैं? या मैं उसकी मासूमियत का गलत मतलब निकाल रहा हूं? जब वो स्पा से लौटी, तो उसके चेहरे पर एक अनोखी सी चमक थी। उसने एक रेशमी सी नाइट गाउन पहनी हुई थी, जो उसके उभरे हुए स्तनों और चिकनी त्वचा पर से रिस रही थी। वो बिना कुछ बोले सीधे बिस्तर पर आकर लेट गई और उसने लाइट धीमी कर दी। कमरे में सिर्फ मोमबत्तियों की रोशनी थी। मैंने हिम्मत करके उसकी तरफ देखा, और उसने अपने होंठों पर वही शैतान मुस्कान सजा रखी थी। Hot desi sali sex story

उसने अपना हाथ बढ़ाकर मुझे अपने पास बुलाया। मेरे पैर खुद-ब-खुद उसकी तरफ बढ़ चले। मैं उसके बिल्कुल करीब जाकर बैठ गया। उसने मेरा हाथ पकड़कर अपने चेहरे पर रख लिया और फुसफुसाई, “आप मुझे बहुत अच्छे लगते हैं जीजू। बहुत पहले से।” ये सुनकर मेरी रूह कांप उठी। मैंने उसकी आँखों में झांका, और वहां सिर्फ प्यार और एक तूफानी हवस साफ नज़र आई। मैंने धीरे से उसके बालों को सहलाया और उसके माथे पर एक लंबा सा चुम्मा ले लिया। ये चुम्मा किसी भाई का नहीं, एक आशिक का था। वो मेरी तरफ खिंचती चली गई और उसने अपनी बाहें मेरी गर्दन के चारों तरफ डाल दीं। मेरा दिल अब सीने से बाहर आने को था। Hot desi sali sex story

मैंने उसकी आँखों में देखते हुए पूछा, “अनुष्का, तुम जानती हो हम क्या करने वाले हैं?” उसने कुछ नहीं कहा, बस अपनी पलकें झुकाकर मेरे होंठों को देखने लगी। मैंने उसकी ठुड्डी को हल्के से ऊपर उठाया और बहुत आहिस्ता से उसके मुलायम होंठों को अपने होंठों से छू लिया। बस फिर क्या था, जैसे कोई बांध टूट गया। वो मुझसे चिपक गई और उसने मेरा निचला होंठ अपने दांतों के बीच दबा लिया।

आह! वो पल इतना खूबसूरत था कि मैं खुद को भूल गया। मेरी जीभ उसके मुंह में दाखिल हुई और हम एक गहरी, तरल और भूखी फ्रेंच किस में डूब गए। हमारी सांसें एक दूसरे से लिपट गई थीं और मेरे हाथ उसकी पीठ पर सहला रहे थे। उसकी गाउन के नीचे उसकी त्वचा इतनी गर्म और मुलायम थी कि मेरा मन कर रहा था कि मैं उसे नोच कर खा जाऊं। Hot desi sali sex story

मैंने अपनी जीभ उसके गले पर फेरी, और वो एक जोरदार आह भरते हुए पीछे की तरफ झुक गई। “उह्ह्ह्ह्ह जीजू… बहुत अच्छा लग रहा है,” उसकी कांपती हुई आवाज़ ने मुझे और पागल कर दिया। मेरे हाथों ने उसकी गाउन के पीछे लगी डोरी को खोलना शुरू किया। एक-एक करके मैंने वो गांठें खोलीं, और वो रेशमी कपड़ा उसके बदन से सरककर बिस्तर पर गिर गया। अब वो मेरे सामने सिर्फ अपनी लाल रंग की लेस ब्रा और पैंटी में बैठी थी।

उसका शरीर किसी मूर्ति की तरह तराशा हुआ था। उसके स्तन ब्रा के अंदर से छलकने को बेताब थे, और उसकी चिकनी पप्पीदार कमर मानो मुझे पुकार रही थी। मैंने अपने होंठ उसके कंधों पर रखे और धीरे-धीरे चुम्मे लेता हुआ उसके सीने की तरफ आया। मैंने अपनी जीभ से उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके उभार को गीला कर दिया। वो कराह उठी और उसने अपने नाखून मेरी पीठ में गड़ा दिए। Hot desi sali sex story

मैंने बड़ी कोमलता से उसकी ब्रा के हुक खोले। जैसे ही वो आज़ाद हुए, मैंने दोनों प्यालियों को हटा दिया और उसके कठोर, उभरे हुए स्तनों को नंगा देखा। उनके शीर्ष पर गहरे भूरे रंग के छोटे-छोटे निप्पल खड़े हो चुके थे। मैंने एक निप्पल को अपने होठों में लेकर चूसना शुरू किया, और दूसरे को अपनी उँगलियों के बीच दबाकर हल्के-हल्के मरोड़ने लगा।

“आआह्ह्ह्ह… जीजू, आप तो बहुत शैतान हैं… आआअह्ह्ह्हह,” वो ज़ोर से चीखी। मेरी जीभ उसके निप्पल के चारों तरफ गोल-गोल घूम रही थी और मेरा दूसरा हाथ उसकी जांघों पर सहला रहा था। अब अनुष्का पूरी तरह से मेरे वश में थी। उसका बदन पसीने से चमकने लगा था और वो बिस्तर पर करवटें बदल रही थी। Hot desi sali sex story

मैं अपनी जीभ को उसके पेट की सिकुड़न पर, नाभि के अंदर, और फिर धीरे-धीरे और नीचे ले गया। अब मेरा सामना उसकी उस लाल पैंटी से था जो पहले ही गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी के ऊपर से ही अपनी नाक रगड़ी और उसकी जवानी की वो खुशबू ली जो मुझे मदहोश कर रही थी। “प्लीज़ जीजू… बहुत हो गया इंतज़ार… अब और मत तड़पाइए,” वो गिड़गिड़ाई। मैंने उसकी पैंटी को धीरे से खींचकर उसके घुटनों तक सरकाया और फिर पूरी तरह उतार फेंका।

उसकी चुत मेरे सामने थी। एक प्यारी सी, तंग और बिना किसी झुर्रियों वाली गुलाबी चुत, जिस पर हल्के-हल्के बाल थे और जो उसके रस से पूरी तरह तरबतर थी। मैंने उसकी टांगों को फैलाकर बीच में अपना चेहरा गड़ा दिया और अपनी जीभ से उसकी चुत के होंठों को खोला। वो पूरी तरह से पागलों की तरह चिल्ला पड़ी, “आआअह्ह्ह्हह! बस अब बस! उह्ह्ह्ह्ह… आप मुझे पागल कर रहे हैं जीजू!” Hot desi sali sex story

मैं उसकी चुत को ऐसे चाट रहा था जैसे कोई भूखा शख्स आम चूसता है। मेरी जीभ उसके भगशेफ पर गोल-गोल नाच रही थी, और कभी-कभी मैं उसकी चुत के छेद के अंदर तक जीभ डाल देता था। उसका रस इतना मीठा था कि मैं उसे पूरा पी जाना चाहता था। मैंने दो उंगलियां एक साथ उसकी गीली चुत में डाल दीं और जोर-जोर से अंदर-बाहर करने लगा। चूं-चूं की आवाजें आ रही थीं।

“हां… हां… जीजू… ऐसे ही… उंगलियां और तेज़… अंदर तक…” वो लगातार बड़बड़ा रही थी और उसके कूल्हे मेरी उंगलियों की लय में ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैंने अपनी गति और तेज़ कर दी और अपना अंगूठा उसके भगशेफ पर जोर से मला। बस फिर क्या था, वो एक ज़बरदस्त झटके के साथ मेरे मुंह पर ही झड़ गई। उसकी चुत से गरम-गरम रस की धार निकली जिसे मैंने बड़ी आसानी से पूरा पी लिया। वो हांफ रही थी, उसका पूरा शरीर शिथिल पड़ चुका था। Hot desi sali sex story

अब मेरी बारी थी। मैं खड़ा हुआ और उसके सामने ही अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी। मेरा लंड पूरी तरह से तना हुआ था, सख्त और फड़कता हुआ, इसकी नोक से पानी जैसा चिपचिपा तरल रिस रहा था। उसने ये देखा तो उसकी आँखें फैल गईं। उसके चेहरे पर एक मिली-जुली भावना थी, शर्म, उत्सुकता और भूख। मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लण्ड पर रख दिया। उसने बेहद नाजुकी से मेरे लौड़े को पकड़ा और धीरे-धीरे सहलाने लगी। मेरी सांसें तेज़ हो गईं।

फिर उसने हिम्मत करके मुझे अपनी तरफ खींचा और अपना मुंह खोलकर मेरे लंड को अपने गर्म मुंह के अंदर ले लिया। आह! वो अहसास लाजवाब था। मेरा पूरा लण्ड उसकी लार से तर हो गया। वो पहले तो धीरे-धीरे चूस रही थी, लेकिन फिर मैंने अपने कूल्हे उसके मुंह की तरफ धक्का दिए और उसकी चुदाई शुरू कर दी। वो मेरे लण्ड का पूरा मज़ा ले रही थी, अपनी जीभ से नीचे की नसों पर फिर रही थी, और मेरी गांड पकड़कर मुझे और ज़ोर से धक्का देने को उकसा रही थी। Hot desi sali sex story

अब मैं और ज़्यादा नहीं रुक सकता था। मुझे उसके अंदर घुसना था, उसे पूरी तरह से चोदना था। मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी टांगें फैला दीं। मेरा फड़कता हुआ लंड उसकी चुत के दरवाज़े पर था। मैंने उसके चेहरे की तरफ देखा, एक आखिरी इजाज़त मांगते हुए। उसने अपनी आँखों ही आँखों में हामी भर दी।

मैंने धीरे-धीरे अपने लण्ड का सिरा उसकी चुत के छेद पर रखा और बेहद आहिस्ता से अंदर धकेलना शुरू किया। उसकी चुत इतनी तंग थी कि मुझे अंदर जाने में दिक्कत हो रही थी। वो कराह उठी, “आआह्ह्ह्ह… जीजू… हौले-हौले… दर्द हो रहा है…” मैंने ज़ोर लगाकर अपना लंड एक झटके में पूरा अंदर तक घुसेड़ दिया। वो ज़ोर से चीखी। उसकी चुत की दीवारों ने मेरे लण्ड को इतनी कसकर जकड़ लिया कि मेरा दिमाग सुन्न हो गया। ये कसावट इतनी ज़बरदस्त थी कि मैं वहीं झड़ जाता, लेकिन मैंने खुद को रोका और अंदर ही अंदर टिका रहा। Hot desi sali sex story

कुछ सेकंड बाद जब उसका दर्द कम हुआ, तो मैंने धीरे-धीरे हिलना शुरू किया। पहले धीमी गति, लंबे-लंबे धक्के। मेरा पूरा लंड बाहर आता और फिर पूरी ताकत के साथ अंदर तक जाता। उसके मुंह से अब सिर्फ आहें और कराहें निकल रही थीं। “आआअह्ह्ह्हह… हां जीजू… ये… ये बहुत अच्छा है… मुझे चोदो… मुझे ज़ोर से चोदो…” उसके ये शब्द सुनकर मैं जानवर बन गया।

मैंने उसकी दोनों टांगें उठाकर अपने कंधों पर रख लीं। अब मेरा लण्ड उसकी चुत में और भी गहराई तक जा रहा था। हर धक्के के साथ हमारे जिस्मों से टकराने की चप-चप की आवाज़ें गूंज रही थीं। उसके बड़े-बड़े स्तन जोर-जोर से हिल रहे थे, जिससे मेरी निगाहें उन पर टिक गईं। मैंने दोनों हाथों से उसके स्तनों को ज़ोर से दबाया और खूब चोदने लगा। Hot desi sali sex story

ये पोजीशन कुछ देर चलती रही, फिर मैंने अपना लंड उसकी चुत से निकाला और उसे पलटकर कुत्ते की तरह बना दिया। उसने अपने कूल्हे ऊपर उठाए और अपना चेहरा तकिये में छुपा लिया। इस पोजीशन में उसकी गांड और चुत दोनों बिल्कुल साफ मेरे सामने थे। उसकी गीली चुत के होंठ सूजे हुए और गहरे गुलाबी रंग के हो गए थे।

मैंने पीछे से उसकी चुत का छेद ढूंढा और एक झटके में अपना पूरा लण्ड अंदर तक घुसेड़ दिया। ये अहसास और भी कड़क था। वो दबी-दबी सी चीखी, क्योंकि अब मेरा हर वार सीधे उसकी चुत की गहराई पर पड़ रहा था। मैंने उसके कूल्हों को ज़ोर से पकड़ लिया और उसे ज़बरदस्त तरीके से चोदना शुरू कर दिया। मैं उसे इतनी तेज़ी से चोद रहा था कि बिस्तर हिल रहा था और पलंग की चरमराहट की आवाज़ें हमारी कराहों में मिल गई थीं। Hot desi sali sex story

अब मैं चाहता था कि वो मेरे ऊपर सवार हो। मैंने उसे अपने लण्ड पर ही बिठाकर पलट दिया और हम काउगर्ल पोजीशन में आ गए। मैं पीठ के बल लेट गया और वो मेरे ऊपर बैठ गई। उसके बाल मेरे चेहरे पर बिखर रहे थे और उसके स्तन मेरी नाक से टकरा रहे थे। उसने मेरा लंड पकड़कर अपनी चुत के मुंह पर लगाया और धीरे-धीरे नीचे बैठ गई। पूरा लण्ड अंदर समा गया।

अब वो खुद हिलने लगी। पहले धीरे-धीरे, अपनी कमर को घुमाते हुए, और फिर जोर-जोर से उछलने लगी। हर बार जब वो नीचे आती, मेरा लंड उसकी चुत के सबसे गहरे हिस्से को छूता। वो पूरी तरह से बहक गई थी, अपनी गर्दन पीछे डाले और आँखें बंद किए मेरे लण्ड का पूरा मज़ा ले रही थी। मैंने उसके स्तनों को पकड़कर चूसना शुरू कर दिया और उसके कूल्हों को ज़ोर-ज़ोर से ऊपर-नीचे करने में मदद की। Hot desi sali sex story

फिर मैंने स्थिति बदली। मैं उठकर बैठ गया और वो मेरी गोद में आकर बैठ गई। हमारे चेहरे बिल्कुल आमने-सामने थे। मैंने अपनी बाहें उसकी कमर के चारों तरफ लपेट लीं और उसे चूमने लगा। इस ऊर्ध्वमुखी आलिंगन में मैं बैठा हुआ था, पालथी मारे, और वो मेरे लण्ड पर अपनी टांगें लपेटे बैठी थी। वो खुद को ऊपर नहीं उठा पा रही थी, तो मैंने अपने कूल्हों को ज़ोर से ऊपर की तरफ धकेलना शुरू किया।

मेरा लंड जब भी उसकी चुत की दीवारों से रगड़ खाता, वो सिहर उठती। “आआह्ह्ह्ह… उह्ह्ह्ह्ह… जीजू मैं फिर से जा रही हूं… आआअह्ह्ह्हह…” वो चिल्लाई और उसकी चुत ने मेरे लौड़े को जकड़ लिया। उसके झड़ने की लहरों ने मुझे भी हिला दिया। मैंने उसे ज़ोर से पकड़ लिया और अपना सारा वीर्य उसकी चुत के अंदर ही छोड़ दिया। धड़ाधड़ गर्म पिचकारियां उसकी चुत की गहराइयों में जाकर लगीं। मैं ज़ोर-ज़ोर से हांफ रहा था और वो बिल्कुल बेजान होकर मेरे कंधे पर गिर पड़ी। हम दोनों के जिस्म पसीने से भीग चुके थे और एक-दूसरे में इस तरह लिपटे हुए थे जैसे कभी अलग होंगे ही नहीं। Hot desi sali sex story

अगली सुबह जब मेरी आँख खुली, तो देखा अनुष्का मुझे ही घूर रही थी। एक अजीब सी शांति उसके चेहरे पर थी। उसने कोई शिकवा नहीं किया, कोई सवाल नहीं पूछा। हम दोनों जानते थे कि जो हुआ वो सिर्फ हवस नहीं थी, उसमें कहीं न कहीं अपनापन था, एक गहरी चाहत थी। बाकी के दो दिन हमने केरल घूमने में बिताए, लेकिन हमारा रिश्ता अब पूरी तरह से बदल चुका था। हम हाथ पकड़े घूमते, रेस्टोरेंट में एक-दूसरे को निवाला खिलाते और जब कमरे में होते तो एक-दूसरे की बाहों में ही रहते।

रिसॉर्ट के पूल के पास उसने नीले रंग की बिकिनी पहनी, और मैंने उसके साथ पानी में काफी मस्ती की। पानी में हम एक-दूसरे से चिपके रहे, मेरे हाथ उसकी कमर पर थे और मैं लगातार उसके कूल्हों को सहला रहा था। उसका शरीर बिकनी में और भी ज़्यादा कामुक लग रहा था। शाम को हमने साथ में बैठकर शराब पी। अनुष्का को थोड़ी सी भी चढ़ गई तो वो और भी शैतान हो गई। Hot desi sali sex story

उस रात वो खुद ही मेरी गोद में आकर बैठ गई और मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी। “आज तो मैं आपको ऐसे चुदवाऊंगी कि आप भूल नहीं पाएंगे,” उसने शरारत भरी आवाज़ में कहा। ये सुनकर मेरा लंड फिर से तन गया। उसने मुझे धक्का देकर बिस्तर पर लिटा दिया और मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लण्ड को मसलने लगी। फिर उसने मेरी पैंट उतारी और मेरे तने हुए लंड को अपनी जीभ से गीला किया। इस बार वो खुद ड्राइवर बनना चाहती थी।

वो मेरे चेहरे की तरफ पैर करके मेरे लंड के ऊपर बैठ गई, रिवर्स काउगर्ल पोजीशन में। अब मेरा पूरा लौड़ा उसकी चुत में था और मेरे सामने उसकी मोटी, गोल गांड थी। जब वो ऊपर-नीचे होती, तो उसकी गांड की लहरें देखकर मेरा मन करता कि उस गांड को काट लूं। मैंने उसके कूल्हों पर दो थप्पड़ मारे, जिससे वो चीखी और और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगी। “हां… मुझे मारो… मेरी गांड पर और मारो जीजू…” वो इस कदर बहक गई थी कि अब सारी हदें पार हो चुकी थीं। उसका ये चुदक्कड़ रूप देखकर मैं हैरान था। Hot desi sali sex story

मैंने उसकी गांड के चेदों को फैलाकर देखा। वो बिल्कुल साफ और कसी हुई थी। मेरा मन हुआ कि उसकी गांड भी चोदूं। मैंने अपना लंड उसकी चुत से निकाला और उसके गांड के छेद पर लगा दिया। पहले तो वो थोड़ा सकपकाई, लेकिन मैंने उसे चूमकर शांत किया और बहुत धीरे-धीरे अपने लण्ड का सिरा अंदर घुसाने लगा। उसने मेरी बांह ज़ोर से पकड़ ली। एक ज़बरदस्त कसावट के साथ मेरा लंड उसकी गांड में घुस गया। ये चुदाई कुछ और ही थी।

उसकी गांड की गर्मी और कसावट किसी चुत से कम नहीं थी। मैंने उसके बाल पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से उसकी गांड मारनी शुरू कर दी। हर धक्के के साथ वो ज़ोर से चीखती। कमरे में सिर्फ हमारे जिस्मों की टकराहट और बिस्तर के चरमराने की आवाज़ थी। मैं उसे इतनी बेदर्दी से चोद रहा था कि मुझे पता था कि कल उसे बैठने में तकलीफ होगी, लेकिन उस वक्त हम दोनों हवस के समंदर में डूबे हुए थे। आखिर में जब मैं झड़ने लगा, तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला और अपना सारा पानी उसकी पीठ पर छोड़ दिया। गर्म-गर्म धारों ने उसकी पीठ को रंग दिया। Hot desi sali sex story

वापसी की फ्लाइट में हम दोनों शांत थे। हमने तय किया कि ये एक खूबसूरत राज़ बनकर रहेगा, एक ऐसी याद जो सिर्फ केरल की हवाओं और उन बैकवॉटर्स के शांत पानी में कैद रहेगी। जो कुछ हुआ, वो वापस नहीं लौटाया जा सकता, और सच कहूं तो मैं लौटाना भी नहीं चाहता था। अनुष्का मेरे लिए एक यादगार तूफान बनकर आई और मुझे अपने साथ बहाकर ले गई।

जब भी मैं प्रिया को देखता हूं, मेरे अंदर एक अपराधबोध जागता है, लेकिन जब भी अनुष्का मुझे देखकर चुपके से मुस्कुराती है, तो मेरा दिल फिर से वैसे ही जोर-जोर से धड़कने लगता है। मुझे पता है कि ये कहानी यहीं खत्म नहीं होती, ये तो बस एक शुरुआत है। अनुष्का को केरल घुमाने के बहाने मैंने जो चुदाई की, उसने हमारे जिस्मों को तो जोड़ा ही था, हमारी रूह को भी एक ऐसे धागे में बांध दिया था जिसे तोड़ना अब मेरे बस की बात नहीं थी। Hot desi sali sex story

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